अगर आप सोचते हैं कि दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस में दुकान खोलना सबसे महंगा सौदा है, तो आप गलत हैं. दिल्ली का 'लुटियंस' इलाका यानी खान मार्केट आज भी बादशाहत कायम किए हुए है. ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, खान मार्केट न केवल दिल्ली बल्कि पूरे भारत का सबसे महंगा रिटेल बाजार बना हुआ है. सीमित जगह और ब्रांड्स के बीच मची होड़ ने यहां के किराए को आसमान पर पहुँचा दिया है.
रियल एस्टेट सलाहकार कुशमैन एंड वेकफील्ड की रिपोर्ट बताती है कि बेहतर मांग और सीमित आपूर्ति के चलते दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख बाजारों में पिछले एक साल में मासिक किराए में 2 से 14 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
खान मार्केट: अमीरों की पहली पसंद, किराया 8% बढ़ा
खान मार्केट की चमक साल-दर-साल बढ़ती जा रही है. साल 2025 की अक्टूबर-दिसंबर अवधि के दौरान यहां का मासिक किराया 1,700-1,800 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुँच गया है. पिछले साल के मुकाबले इसमें 8 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि देखी गई है. यह बाजार हाई-एंड ब्रांड्स के लिए स्टेटस सिंबल बन चुका है, जिसके कारण यहां जगह मिलना नामुमकिन सा हो गया है.
कनॉट प्लेस और गुरुग्राम के गैलेरिया मार्केट में भी लगी आग
दिल्ली के ऐतिहासिक कनॉट प्लेस (इनर सर्कल) में भी किराए में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, यहां अब दुकानदारों को 1,150-1,250 रुपये प्रति वर्ग फुट मासिक किराया देना पड़ रहा है. हैरान करने वाली बात गुरुग्राम से भी आई है. गुरुग्राम के प्रसिद्ध गैलेरिया मार्केट ने किराए में बढ़ोतरी के मामले में सबको पीछे छोड़ दिया है. यहां किराए में सबसे अधिक 14 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है. अब गैलेरिया का किराया भी कनॉट प्लेस के बराबर यानी 1,150-1,250 रुपये प्रति वर्ग फुट के स्तर पर आ गया है.
करोल बाग से लेकर नोएडा सेक्टर-18 तक कितना बढ़ा किराया?
- कमला नगर: उत्तर दिल्ली के इस छात्र और युवा केंद्रित बाजार में किराए में 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है (480-510 रुपये प्रति वर्ग फुट).
- नोएडा सेक्टर-18: नोएडा के मुख्य कमर्शियल हब में किराए में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो अब 200-220 रुपये प्रति वर्ग फुट है.
- साउथ एक्सटेंशन और लाजपत नगर: यहां किराए में 3 प्रतिशत की सामान्य वृद्धि हुई है.
- करोल बाग: यहां मासिक किराया बढ़कर 395-415 रुपये प्रति वर्ग फुट के बीच पहुंच गया है.
2019 के बाद सबसे बड़ी मांग
कुशमैन एंड वेकफील्ड के कार्यकारी प्रबंध निदेशक गौतम सराफ का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर के बाजारों में यह उछाल दर्शाता है कि प्राइम लोकेशंस पर जगह की कमी है और मांग लगातार बढ़ रही है. आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में दिल्ली-एनसीआर में कुल 22.5 लाख वर्ग फुट रिटेल स्पेस किराए पर लिया गया, जो 2019 (कोरोना काल से पहले) के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है.
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