भारत में बुलडोजर को लेकर काफी चर्चाएं होती रहती हैं. अब इसी JCB कंपनी को लेकर दुनियाभर में बातें हो रही हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि इस जेसीबी कंपनी के मालिक लॉर्ड एंथनी बैमफोर्ड ने अपने पूरे बिजनेस की जिम्मेदारी अपने बड़े बेटे को नहीं देने का फैसला किया है. जैसे ही ये खबर सामने आई वैसे ही व्यापार जगत में हलचल मच गई. ऐसा इसलिए क्योंकि सालों से माना जा रहा था कि लॉर्ड एंथनी बैमफोर्ड अपनी कंपनी की कमान बड़े बेटे को ही देंगे.
अब कौन संभालेगा कंपनी की कमान?
अब उन्होंने अपने छोटे बेटे को ये जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया है. उनके इस कदम से हर कोई हैरान है. हालांकि जो बैमफोर्ड काफी समय से कंपनी से जुड़े हुए थे. वो 2004 से एक्टिव थे और 2006 में कंपनी के बोर्ड में शामिल हो गए थे. उन्होंने कई बड़े प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी संभाली. लेकिन हालात ऐसे बदले कि उनका ये सपना पूरा नहीं हो सका और पूरा मामला उल्टा पड़ गया. इस खबर में जानिए कि आखिर ऐसा फैसला लॉर्ड एंथनी बैमफोर्ड ने क्यों लिया?
कहानी में असली मोड़ तब आया जब जो बैमफोर्ड ने अपने 80 साल के पिता से कह दिया कि अब उन्हें चेयरमैन पद छोड़ देना चाहिए और पूरी जिम्मेदारी उन्हें दे देनी चाहिए. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लॉर्ड बैमफोर्ड को अपने ही बेटे की ये बात तख्तापलट जैसी लगी. इसके बाद पिता और बेटे के रिश्तों में खटास आ गई और फिर कंपनी की गद्दी को लेकर पूरा फैसला ही बदल गया.
छोटे बेटे जॉर्ज बैमफोर्ड की चमकी किस्मत
बड़े बेटे से नाराज होने के बाद लॉर्ड बैमफोर्ड ने साफ कर दिया कि अब जेसीबी की जिम्मेदारी उनके सबसे छोटे बेटे जॉर्ज बैमफोर्ड संभालेंगे. जॉर्ज को कंपनी का डिप्टी चेयरमैन बना दिया है और वो अब पूरा ध्यान कंपनी के काम पर दे रहे हैं. पहले उनका खुद का एक लग्जरी घड़ियों का बिजनेस था, लेकिन अब वह धीरे-धीरे इसे छोड़कर जेसीबी जैसे बड़े कारोबार को संभालने की तैयारी कर रहे हैं, जिसका टर्नओवर 62,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है. वहीं, बड़े बेटे जो बैमफोर्ड अब इस कंपनी से अलग होकर क्लीन एनर्जी सेक्टर में अपना नया करियर बनाने की कोशिश में हैं.
बोर्ड की हरी झंडी का इंतजार
हालांकि लॉर्ड बैमफोर्ड ने साफ कर दिया है कि आगे चलकर जॉर्ज ही कंपनी की कमान संभालेंगे लेकिन इस फैसले पर अभी कंपनी के बोर्ड की मंजूरी मिलना बाकी है. दुनिया भर में 22 फैक्ट्रियां और करीब 19,000 कर्मचारी इस फैक्ट्री में काम करते हैं.
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