Yoga Business in Numbers: योग जो सदियों से भारतीय सभ्यता का अंग रहा है, आम दिनचर्या का हिस्सा रहा, दुनिया के कोने-कोने में पहुंच चुका है. ये अब केवल साधना और व्यायाम तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि एक ग्लोबल इंडस्ट्री का रूप ले चुका है. भागदौड़ भरी जिंदगी में शारीरिक फिटनेस और मानसिक शांति की तलाश ने पूरी दुनिया में योग के कारोबार को एक नई ऊंचाई दी है. योग की जन्मभूमि भारत से लेकर अमेरिका और यूरोप तक योग का बाजार अरबों डॉलर में पहुंच चुका है. जानी-मानी रिसर्च एजेंसियों जैसे 'ग्रैंड व्यू रिसर्च' और 'फॉर्च्यून बिजनेस इनसाइट्स' के हालिया आंकड़े गवाही देते हैं कि आने वाले समय में योग का बिजनेस साइज उम्मीद से कहीं तेजी से बढ़ने वाला है.
आपको जाकर आश्चर्य हो सकता है कि देश में योगा इकोनॉमी (Yoga Economy) 57,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है. ग्लोबली बात करें तो योगा-बिजनेस का साइज 12 लाख करोड़ के पार पहुंच चुका है. साल 2033 तक इसके 25 लाख करोड़ के पार पहुंचने की उम्मीद है. यानी योग अब केवल सेहत का मसला नहीं, बल्कि इकोनॉमी का अहम किरदार बन चुका है.
आइए, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर आज हम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योगा-इकोनॉमी को समझने की कोशिश करते हैं.
भारत में योग का बिजनेस
भारत में योग का बाजार अभूतपूर्व गति से बढ़ रहा है. ग्रैंड व्यू रिसर्च (Grand View Research) की होराइजन आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में भारत के योगा मार्केट का रेवेन्यू साइज 6,900.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 57,000 करोड़ रुपये से अधिक) आंका गया था.

भारत में इस बाजार का सबसे बड़ा हिस्सा ऑफलाइन योग कोर्सेज और पारंपरिक स्टूडियो का है. आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में ऑफलाइन योग कोर्सेज की बाजार हिस्सेदारी 82.47% थी. हालांकि, डिजिटल क्रांति के बाद ऑनलाइन योग क्लासेस और वेलनेस ऐप्स सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट बन चुके हैं. इनमें कल्ट फिट (cult.fit), फिटर (FITTR), HealthifyMe जैसे ऐप्स खूब लोकप्रिय हैं.

दुनिया में योगा का बिजनेस साइज
ग्लोबल स्तर पर योग का बाजार बहुत ही विशाल हो चुका है. अलग-अलग ग्लोबल फर्म्स ने अपनी रिसर्च में इसके आकार को स्पष्ट किया है. ग्रैंड व्यू रिसर्च (Grand View Research) के मुताबिक, साल 2025 में ग्लोबल योगा मार्केट का आकार 127 बिलियन अमेरिकी डॉलर यानी 11.98 लाख करोड़ के पार था. इसमें योग स्टूडियो, ऑनलाइन कोर्सेज के अलावा योग के कपड़े (Apparel), योगा मैट और अन्य उपकरण (Equipment) भी शामिल हैं.

दूसरी ओर, फॉर्च्यून बिजनेस इनसाइट्स (Fortune Business Insights) की रिपोर्ट इस बाजार का एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने रखती है. फॉर्च्यून बिजनेस इनसाइट्स के अनुसार, साल 2025 में ग्लोबल योगा मार्केट का साइज 63.82 बिलियन अमेरिकी डॉलर था (यह मुख्य रूप से कोर सर्विसेज और सिलेक्टेड सेक्टर्स पर आधारित है). इस रिपोर्ट के मुताबिक, भौगोलिक रूप से उत्तरी अमेरिका (North America) दुनिया का सबसे बड़ा योग बाजार है, जिसकी कुल ग्लोबल मार्केट में हिस्सेदारी 33.27% है.
पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं हैं ज्यादा जागरूक
वैश्विक और घरेलू दोनों ही बाजारों में योग अपनाने वालों में महिलाओं की संख्या पुरुषों से काफी अधिक है. रिपोर्ट्स के अनुसार, योग बाजार के कुल कंज्यूमर्स में लगभग 70% भागीदारी महिलाओं की है, जबकि पुरुष करीब 30% हैं. हालांकि, हाल के वर्षों में पुरुषों के बीच भी योग का क्रेज तेजी से बढ़ा है, विशेषकर 'पावर योगा', 'अष्टांग योग' और 'कॉरपोरेट वेलनेस प्रोग्राम्स' के जरिए पुरुष भी तेजी से योग स्टूडियो का रुख कर रहे हैं.

उम्र के हिसाब से मार्केट का मिजाज
अगर उम्र के हिसाब से ट्रेंड (Age-wise Trend) की बात करें, तो योग अब केवल बुजुर्गों या प्रौढ़ लोगों का विषय नहीं रहा. इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी 30 से 49 वर्ष के कामकाजी प्रोफेशनल्स की है, जो काम के तनाव, सिटिंग जॉब और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों (जैसे बैक पेन, एंग्जायटी, डायबिटीज) से निपटने के लिए योग को अपना रहे हैं. कुल बाजार में इस आयु वर्ग का योगदान आधे से अधिक (करीब 55%) है.
इसके बाद 18-29 वर्ष का युवा वर्ग (करीब 25%) है, जो फिटनेस, एथलेटिक लुक और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंस के कारण योग की तरफ आकर्षित हो रहा है. वहीं, 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग (करीब 20%) मुख्य रूप से क्रॉनिक बीमारियों से राहत और थेरेपी के लिए योग का सहारा लेते हैं.

भविष्य की तस्वीर: 2033 तक धुंआधार रफ्तार
योग के बिजनेस का भविष्य बेहद उज्ज्वल है और 2033-2034 तक इसके रेवेन्यू में भारी उछाल आने का अनुमान है.
- भारत का मार्केट (2033 तक): ग्रैंड व्यू रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय योग बाजार 2026 से 2033 के बीच 12.7% की शानदार कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा. इसके चलते साल 2033 तक भारत का योगा मार्केट बढ़कर 17,826.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 1.48 लाख करोड़ रुपये) पर पहुंच जाएगा.
- ग्लोबल मार्केट: ग्रैंड व्यू रिसर्च के अनुसार, वैश्विक स्तर पर योगा का बाजार 2026 से 2033 के बीच 9.9% की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से आगे बढ़ते हुए साल 2033 तक 269.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर का विशाल आकार ले लेगा.
इस कदर योग का यह बढ़ता बिजनेस दर्शाता है कि दुनिया अब होलिस्टिक हेल्थ यानी संपूर्ण स्वास्थ्य की ओर मुड़ रही है. भारत के लिए बिलियन डॉलर इकोनॉमी में लीडरशिप पोजीशन बनाए रखने का एक बड़ा अवसर है.
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