दुनिया भर में जारी ईरान युद्ध और ऊर्जा संकट (Energy Crisis) के बीच संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एक बेहद पॉजिटिव रिपोर्ट जारी की है. संयुक्त राष्ट्र की संस्था ESCAP की नई रिपोर्ट के मुताबिक,चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी (GDP) ग्रोथ 6.4% रहने का अनुमान है. इसके साथ ही भारत सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा. वहीं, अगले वित्त वर्ष (2027) में इसके बढ़कर 6.6% होने की उम्मीद जताई गई है.
ESCAP ने बताया कि ये अनुमान 17 मार्च की स्थिति के आधार पर तैयार किए गए थे, जब ईरान युद्ध जारी था और स्ट्रेट ऑफ होमु्र्ज के बंद होने के असर दिखने शुरू हो चुके थे.इसके बावजूद भारत की आर्थिक रफ्तार मजबूत बनी रही. रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल भारत की तेज आर्थिक वृद्धि में ग्रामीण इलाकों की मजबूत खपत की अहम भूमिका रही.इसके अलावा वस्तु एवं सेवा कर (GST) की दरों में कटौती से भी अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिला.
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चीन और पाकिस्तान को पछाड़ भारत बना एशिया-पैसिफिक का 'ग्रोथ इंजन'
भारत न केवल एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में बल्कि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है. वहीं पड़ोसी देशों की हालत काफी सुस्त है. ESCAP की नई रिपोर्ट से साफ है कि भारत की रफ्तार चीन के मुकाबले काफी ज्यादा है, जबकि पाकिस्तान इस पूरे क्षेत्र में सबसे कमजोर ग्रोथ वाला देश बना हुआ है.

ESCAP रिपोर्ट के अनुसार ,चीन की GDP ग्रोथ पिछले साल 5% रही थी. इस साल इसके 4.3% रहने और अगले साल 4.5% रहने का अनुमान है. वहीं पाकिस्तान की ग्रोथ पिछले साल 3% रही थी, जो इस साल 2.6% और अगले साल 3.1% रहने का अनुमान है.
US टैरिफ के असर से निर्यात में 25% गिरावट, सर्विस सेक्टर में बूम
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2025 के दूसरे हिस्से में भारत की आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी. इसकी वजह अगस्त 2025 में अमेरिका द्वारा 50% टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत के एक्सपोर्ट में 25% की गिरावट रही. रिपोर्ट के अनुसार इन चुनौतियों के बावजूद भारत का सर्विस सेक्टर लगातार भारत की ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन बना रहा.
इसके अलावा, भारत सरकार के पास कमजोर और जरूरतमंद आबादी को आर्थिक मदद (Fiscal Support) देने की अच्छी क्षमता है, जिससे वैश्विक खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी का असर कम किया जा सकेगा.
आखिर क्यों मजबूत है भारत की इकोनॉमी?
ESCAP के मैक्रोइकोनॉमिक पॉलिसी डायरेक्टर हमजा मलिक ने कहा कि बाहरी चुनौतियों के बावजूद भारत की ग्रोथ मजबूत बनी हुई है.उन्होंने कहा कि किसी भी देश की लंबी अवधि की ग्रोथ उसकी उत्पादकता पर निर्भर करती है, और भारत की आंतरिक उत्पादकता लगातार बेहतर हो रही है.जिससे बाहरी झटकों के बावजूद ग्रोथ बनी हुई है.
हमजा मलिक के अनुसार भारत की बड़ी आबादी भी आर्थिक वृद्धि में मदद कर रही है.उनका कहना है कि भारत के पास ज्यादा श्रमिकों को उत्पादक क्षेत्रों में शामिल करने की क्षमता है, जिससे ग्रोथ को सहारा मिलता है.ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती और GST रेट्स में कटौती ने घरेलू मांग को बढ़ाए रखा है.
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