भारतीय उपभोक्ताओं की खर्च करने की आदतों (Consumer Spending Habits) में एक बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव देखने को मिल रहा है. जिस देश में सांस्कृतिक और वित्तीय रूप से सोने और कीमती आभूषणों को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है, वहां अब लोग गहनों से भी ज्यादा पैसा शराब (Alcohol) पर खर्च कर रहे हैं.
यूनिफ़ाई कैपिटल (Unifi Capital) के को-फाउंडर और कार्यकारी निदेशक जी मारन ने कुशल लोढ़ा के साथ एक पॉडकास्ट के दौरान ये दिलचस्प आंकड़े साझा किए हैं.
आभूषणों से आगे निकला शराब का बाजार, 5 लाख करोड़ के पार
जी. मारन के अनुसार, भारतीय शराब उद्योग ने राजस्व के मामले में देश के पारंपरिक आभूषण (Jewellery) बाजार को पीछे छोड़ दिया है. देश में आभूषणों का बाजार पारंपरिक रूप से 60 बिलियन डॉलर यानी करीब 5 लाख करोड़ रुपये का माना जाता है, लेकिन अब शराब का कारोबार इसे पार कर चुका है.
यह बदलाव देश में बदलती जीवनशैली और आधुनिक उपभोक्ताओं के खर्च करने के नए ट्रेंड को दर्शाता है. जहां गहने शादी-ब्याह, त्योहारों और सुरक्षित निवेश का प्रतीक थे, वहीं अब शराब पर बढ़ता खर्च लोगों की सामाजिक, मनोरंजक और अनुभव-आधारित (Experiential Spending) आदतों की ओर इशारा करता है.
दक्षिण भारत का दबदबा: केवल 18% आबादी, लेकिन 50% खपत
रिपोर्ट में सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि देश भर में शराब की खपत एक समान नहीं है. दक्षिण भारत (South India) इस पूरे बूम का सबसे बड़ा ड्राइवर बना हुआ है.
- 50% बिक्री केवल दक्षिण में: जी. मारन ने बताया, 'दक्षिण भारतीय राज्यों की आबादी देश की कुल जनसंख्या का केवल 18% है, लेकिन मूल्य (Value) के मामले में देश में बिकने वाली कुल शराब का 50% हिस्सा अकेले दक्षिण भारत के राज्यों में खपत होता है.'
- पूरा देश बनाम दक्षिण भारत: इसका मतलब है कि दक्षिण भारत का शराब बाजार अकेले उत्तर (North), पश्चिम (West) और पूर्व (East) देश के संयुक्त बाजार के बराबर बड़ा है, जबकि आम तौर पर लोगों की धारणा इसके विपरीत रहती है.
दक्षिण भारत में शराब की यह विशाल खपत वहां के राज्य आबकारी राजस्व (State Excise Revenue) में भी एक बहुत बड़ा योगदान देती है. यह ट्रेंड बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम (खर्च योग्य आय), शहरीकरण और सामाजिक ताने-बाने में आ रहे बदलावों को उजागर करता है.
तमिलनाडु बना मेडिकल टूरिज्म का नया हब
शराब पर खर्च के आंकड़ों के अलावा, यूनिफाई कैपिटल के को-फाउंडर ने तमिलनाडु के एक और बड़े ट्रेंड पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि पिछले चार से पांच वर्षों में तमिलनाडु देश का सबसे प्रमुख पर्यटन और मेडिकल टूरिज्म (Medical Tourism) हब बनकर उभरा है. विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते देश और दुनिया भर से मरीज इलाज के लिए तमिलनाडु पहुंच रहे हैं, जिससे राज्य का पर्यटन उद्योग तेजी से बढ़ा है.
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