Market Closing: आज बाजार में 'देर आए दुरुस्त आए' वाली कहावत देखने को मिली. सुबह जहां करीब 2 फीसदी की गिरावट के साथ मार्केट खुला था, लग रहा था आज तो बिकवाली का दौर खत्म ही नहीं होगा, पर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में जाते-जाते लिवाली का दौर शुरू हो गया. सेंसेक्स जहां 0.25% की हल्की तेजी के साथ 73,316 अंक पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी में 0.092% की तेजी देखी गई. कुल मिलाकर हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन हरा कलर बाजार में आखिरी कुछ घंटे में छाया रहा. गुड फ्राइडे की वजह से 3 अप्रैल को मार्केट बंद रहेगा.
टॉप 5 गेनर्स (सेंसेक्स)
- एचसीएल टेक (3.47)
- टेक महिंद्गा (2.67)
- इंफोसिस (1.90)
- टीसीएस (1.80)
- एचडीएफसी बैंक (1.21)
टॉप 5 लूजर्स (सेंसेक्स)
- एशियन पेंट्स (-2.35)
- इटरनल (-2.13)
- सन फार्मा (-1.70)
- एनटीपीसी (-1.33)
- रिलायंस (-1.31)

Market Closing
कैसा रहा सुबह का हाल?
बुधवार की शानदार तेजी के बाद आज यानी गुरुवार सुबह भारतीय शेयर बाजार खुलते ही खुलते ही औंधे मुंह गिर गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान युद्ध को लेकर दिए गए आक्रामक बयान ने निवेशकों के होश उड़ा दिए, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी खुलते ही धड़ाम हो गए . सेंसेक्स और निफ्टी 2% से ज्यादा टूटे, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया.
दरअसल, ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगले 2-3 हफ्तों में अमेरिकी सेना ईरान पर बेहद कड़ा प्रहार करेगी. हालांकि उन्होंने जल्द ही मिशन पूरा होने की बात कही है, लेकिन युद्ध लंबा खिंचने और मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने की आशंका ने घरेलू बाजार में चौतरफा बिकवाली ला दी है, जिससे आज शेयर बाजार में कोहराम मचा हुआ हा.
आज की इस बड़ी गिरावट से ठीक एक दिन पहले यानी बुधवार को बाजार का मूड बिल्कुल अलग था. मिडिल ईस्ट युद्ध खत्म होने की उम्मीदों के बीच बीते दिन भारतीय बाजारों में बंपर तेजी देखी गई थी और दो दिनों की गिरावट पर ब्रेक लगा था. बुधवार को सेंसेक्स 1,186.77 अंक (1.65%) की छलांग लगाकर 73,134.32 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 50 348 अंक (1.56%) की मजबूती के साथ 22,679.40 के स्तर पर स्थिर हुआ था.
ट्रंप के भाषण ने भारतीय शेयर बाजार का सेंटिमेंट बिगड़ा
कल की हरियाली के बाद निवेशकों को उम्मीद थी कि आज बाजार नई ऊंचाइयों को छुएगा, लेकिन ट्रंप के ताजा भाषण ने भारतीय शेयर बाजार का सेंटिमेंट खराब कर दिया. बाजार के जानकारों का कहना है कि ट्रंप ने युद्ध खत्म करने का कोई साफ रास्ता नहीं बताया, बल्कि अगले कुछ हफ्तों में और कड़े हमले करने की चेतावनी दी है, जिसने निवेशकों का मूड बिगाड़ दिया.
कच्चे तेल में उछाल ने बढ़ाई टेंशन
शेयर बाजार में आज सुबह गिरावट की एक बड़ी वजह कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आया जोरदार उछाल भी था. ट्रंप के भाषण के बाद ब्रेंट क्रूड 5.24% बढ़कर $106.47 प्रति बैरल पर पहुंच गया. वहीं, अमेरिकी तेल (WTI) भी 4.5% चढ़कर $104 के पार आ गया. तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसी अर्थव्यवस्था के लिए महंगाई का बड़ा खतरा पैदा करती हैं.
विदेशी निवेशकों (FIIs) ने फिर खींचे हाथ
शेयर बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली भी है. बुधवार को FIIs ने भारतीय बाजार से 8,331 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर पैसा निकाल लिया. हालांकि, घरेलू निवेशकों (DIIs) ने 7,171 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा देने की कोशिश की, लेकिन ग्लोबल प्रेशर के आगे यह नाकाम साबित हुई.
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