भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ा है. बीते दिन रविवार को फ्रांस के नीस (Nice) शहर में आयोजित भारत इनोवेट्स (Bharat Innovates 2026) में इसकी झलक साफ देखने को मिली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस बड़े इनोवेशन शोकेस का उद्घाटन किया. यह प्रोग्राम इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन का हिस्सा है, जिसमें 120 डीप-टेक स्टार्टअप, निवेशक और रिसर्च संस्थान एक साथ आए.
इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इनोवेशन आज भारत की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है और देश टेक्नोलॉजी बेस्ड सॉल्यूशन का ग्लोबल हब बनकर उभर रहा है.
किन सेक्टरों के स्टार्टअप्स ने बनाई सबसे ज्यादा जगह?
Bharat Innovates 2026 में चुने गए स्टार्टअप्स में सबसे बड़ा हिस्सा स्पेस और डिफेंस सेक्टर का रहा.इसके बाद हेल्थकेयर और मेडटेक, एनर्जी और एडवांस कम्यूटिंग से जुड़े स्टार्टअप्स शामिल रहे. वहीं बायोटेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर सेक्टर की भी मजबूत मौजूदगी देखने को मिली.यानी इस बार ऐसे सेक्टरर्स ज्यादा फोकस में रहे जो जो भविष्य की टेक्नेलॉजी और डीप रिसर्च पर आधारित हैं.
4,000 आवेदन, लेकिन चुने गए सिर्फ 120 स्टार्टअप्स
भारत इनोवेट्स 2026 के लिए देशभर के उच्च शिक्षण और तकनीकी संस्थानों से जुड़े डीप-टेक स्टार्टअप्स की ओर से करीब 4,000 आवेदन मिले थे.चयन प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की गई. सबसे पहले स्टार्टअप्स की तकनीकी तैयारी और संस्थागत जुड़ाव की जांच हुई. इसके बाद एक्सपर्ट्स ने इनोवेशन, स्केलेबिलिटी, व्यावसायिक संभावनाओं और सामाजिक प्रभाव के आधार पर मूल्यांकन किया.
इसके बाद स्टार्टअप्स को 13 टेक थीम्स में शॉर्टलिस्ट किया गया. इनमें से 137 स्टार्टअप्स IIT Bombay में आयोजित प्री-समिट तक पहुंचे, जहां उन्हें मेंटरशिप, प्रदर्शनी और निवेशकों से बातचीत का मौका मिला.

आखिर में इनमें से 120 स्टार्टअप्स को फ्रांस के नीस में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया. यहां ये स्टार्टअप्स अपने आइडियाज और टेक्नोलॉजी को ग्लोबल इन्वेसटर्स, इंडस्ट्री लीडर्स और पॉलिसी मेकर्स के सामने रखेंगे.
10 साल में कितनी बढ़ा भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम?
भारत में मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या पिछले 10 साल में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है.साल 2016 में जहां DPIIT से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या सिर्फ कुछ सौ थी, वहीं 2025 तक यह आंकड़ा बढ़कर 2 लाख से ज्यादा हो गया.यह दिखाता है कि Startup India पहल के बाद देश में एंटरप्रेन्योरशिप और इनोवेशन को कितना बड़ा बढ़ावा मिला है.

स्टार्टअप्स ने 22 लाख के करीब दीं नौकरियां
स्टार्टअप्स की बढ़ती संख्या का असर रोजगार पर भी साफ दिखाई देता है.साल 2016 में मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स ने सिर्फ 308 नौकरियां पैदा की थीं. 2020 तक यह संख्या बढ़कर करीब 4.9 लाख हो गई.वहीं 2025 तक देश के स्टार्टअप्स लगभग 21.9 लाख रोजगार पैदा कर चुके थे. यानी स्टार्टअप्स सिर्फ नए बिजनेस नहीं बना रहे, बल्कि लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार कर रहे हैं.
भारत में सबसे ज्यादा स्टार्टअप किस सेक्टर में हैं?
दिलचस्प बात यह है कि Bharat Innovates 2026 में जिन सेक्टरों का दबदबा दिखा, वे भारत के सबसे बड़े स्टार्टअप सेक्टर नहीं हैं.देश में मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में सबसे बड़ा हिस्सा IT सर्विसेज का है, जो कुल स्टार्टअप्स का लगभग पांचवां हिस्सा बनाता है.इसके बाद हेल्शकेयर एंड लाइफ साइंस का स्थान आता है. वहीं एजुकेशन, एग्रीकल्चर, कंस्ट्रक्शन और फूड एंड बेवरेजेज सेक्टर भी बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं.
Bharat Innovates 2026 में स्पेस, डिफेंस और सेमीकंडक्टर जैसे हाई-टेक सेक्टर सबसे ज्यादा चर्चा में रहे. हालांकि भारत के कुल स्टार्टअप इकोसिस्टम में ये सेक्टर अभी सबसे बड़े नहीं हैं. फिर भी इन सेकटर में बढ़ती भागीदारी यह दिखाता है कि भारत अब ट्रेडिशनल स्टार्टअप मॉडल से आगे बढ़कर डीप-टेक और फ्यूचर टेक्नोलॉजी पर भी तेजी से फोकस कर रहा है.
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