NDTV के इंडो-जापान स्ट्रैटेजिक डायलॉग में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और जापान के बीच रिश्ते को व्यापारिक साझेदारी में बदलने की जरूरत है. NDTV के CEO और एडिटर-इन-चीफ के साथ बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'दोनों देशों के रिश्ते अब निवेश से आगे बढ़कर व्यापार के विस्तार की दिशा में बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि जापान के साथ भारत का आर्थिक संबंध अब तक अधिकतर निवेश आधारित रहा है, लेकिन अब इसे व्यापक व्यापारिक साझेदारी में बदलने की जरूरत है. गोयल ने जापान के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की समीक्षा का भी संकेत दिया और कहा कि व्यापार बढ़ाने की चर्चा एक सतत प्रक्रिया है.
यहां देखें वीडियो:
🔴 LIVE | #IndoJapanStrategicDialogue: NDTV hosts 'The Indo-Japan Strategic Dialogue', a high-level forum that brings together policymakers, diplomats, industry leaders and strategic experts to explore avenues for strengthening cooperation across trade, technology, defence and…
— NDTV (@ndtv) July 2, 2026
'यह सिर्फ साझेदारी नहीं, वैश्विक विश्वास का प्रतीक'
कार्यक्रम में जब पीयूष गोयल से पूछा गया कि जापान की पीएम के भारत दौरे को वो किस तरह से देख रहे हैं, इस पर उन्होंने बताया कि, भारत और जापान के रिश्ते केवल व्यापारिक लेन-देन तक सीमित नहीं हैं. ये दो देशों का आपसी विश्वास है, जो दुनिया को स्टेबल बनाता है. जब दुनिया सप्लाई चेन के संकट से जूझ रही थी, तब भारत और जापान ने मिलकर सप्लाई चेन रेजिलिएंस इनिशिएटिव के जरिए दुनिया को भरोसा दिया. पीएम मोदी और जापान के बीच का तालमेल दोनों देशों की इंडस्ट्री को नई पावर दे रहा है.
'सुजुकी जैसी कंपनियों ने हमें मजबूत किया'
उन्होंने जापान के भारत के औद्योगिक विकास में योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि सुजुकी जैसी कंपनियों ने भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल पावर बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है. गोयल ने यह भी बताया कि जापान ने भारत के कई अहम इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑटो सेक्टर प्रोजेक्ट्स में सहयोग दिया है. देश की पहली डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना भी जापानी साझेदारी से बनी.
उन्होंने कहा कि भारत जापान से तकनीकी उत्पाद आयात करता है, जबकि भारत जापान को सटीक, शानदार पुर्जे निर्यात करता है. ऐसे में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को और बढ़ाने की जरूरत है. गोयल के मुताबिक, रणनीतिक डायलॉग का लक्ष्य सिर्फ मौजूदा सहयोग को बनाए रखना नहीं, बल्कि उसे नए क्षेत्रों तक ले जाना भी है.
ट्रेड और इन्वेस्टमेंट
पीयूष गोयल ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि भारत में जापानी निवेश लगातार बढ़ रहा है, चाहे वो बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट हो या बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर. उन्होंने कहा, हम व्यापार घाटे को कम करने और व्यापार को दोगुना करने के टारगेट पर काम कर रहे हैं. भारत का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और जापान का हार्डवेयर दोनों मिलकर शानदार कर सकते हैं.
सेमीकंडक्टर और फ्यूचर टेक्नोलॉजी
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 5G और सेमीकंडक्टर के सेक्टर में जापान की महारत जगजाहिर है. पीयूष गोयल ने कहा कि भारत का बड़ा टैलेंट पूल जापान की तकनीकी को वैश्विक स्तर पर स्केल करने में मदद कर सकता है. क्लीन एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन के सेक्टर में भी दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं.
फ्री ट्रेड डील की तरफ बढ़ते कदम
पीयूष गोयल ने साफ कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत अपनी नीतियों को बहुत सोच-समझकर और देश के हितों यानी किसानों और एमएसएमई को ध्यान में रखकर आगे बढ़ा रहा है. हाल ही में भारत ने अमेरिका के साथ भी टैरिफ के मोर्चे पर इस बात को साफ किया. इसके अलावा ब्रिटेन के साथ एग्रीमेंट को अंतिम रूप दिया है. अब जापान के साथ फ्री ट्रेड डील को री-बैलेंस और अपग्रेड करने का समय आ गया है. उन्होंने आगे कहा कि जापानी कंपनियों के लिए भारत इस समय स्टेबल और भरोसेमंद निवेश डेस्टिनेशन है. भारत के पास केवल मार्केट नहीं है, बल्कि उसके पास डेमोक्रेटिक वैल्यूज है, जो निवेशकों को सेफ्टी की 100% गारंटी देती हैं.
फर्टिलाइजर पर 90% सब्सिडी दे रही सरकार
घरेलू मोर्चे पर किसानों की खाद सिक्योरिटी को लेकर सरकार के प्लान को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने फर्टिलाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सब्सिडी में बड़ी बढ़ोतरी की है. किसानों के लिए फर्टिलाइजर पर करीब 90% तक की सब्सिडी है, लेकिन इसका पूरा वित्तीय बोझ सरकार खुद उठा रही है, जिससे किसानों पर कोई आंच ना आए. ये कदम पूरी तरह से किसानों के साथ देश की फूड सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए उठाया गया है.
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