Spouse Credit History: शादी को हम आमतौर पर प्यार और साथ का रिश्ता मानते हैं. लेकिन इसमें पैसों की समझ भी उतनी ही जरूरी होती है. सिंपल भाषा में बोले तो शादी के बाद आपके पार्टनर की पैसों से जुड़ी आदतें और उनका क्रेडिट स्कोर भी मायने रखता है. अगर आपका रिकॉर्ड अच्छा है, लेकिन आपके जीवनसाथी ने पहले कभी लोन चुकाने में देर की है या उनका क्रेडिट स्कोर कम है, तो इसका असर घर, कार या किसी भी बड़े लोन पर पड़ सकता है. ऐसे में लोन मिलने में दिक्कत आ सकती है या ब्याज ज्यादा देना पड़ सकता है. इसलिए शादी सिर्फ दिलों का नहीं, बल्कि पैसों की जिम्मेदारी का भी रिश्ता होता है.
एड-ऑन कार्ड
कपल्स एक-दूसरे को क्रेडिट कार्ड पर एड-ऑन कार्ड दिलाते हैं. ध्यान रखने वाली बात ये है कि एड-ऑन कार्ड का इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति अगर समय पर भुगतान नहीं करता है, तो इसका सीधा असर प्राइमरी कार्ड होल्डर के क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है. यानी पार्टनर की एक लापरवाही आपकी सालों की मेहनत पर पानी फेर सकती है.
शादी के बाद बदलता है क्रेडिट स्कोर?
सबसे पहले ये समझना जरूरी है कि शादी होते ही आपका क्रेडिट स्कोर आपके पार्टनर के स्कोर के साथ मर्ज (Merge) नहीं होता. क्रेडिट ब्यूरो हर व्यक्ति का अलग रिकॉर्ड रखता है. लेकिन, समस्या तब शुरू होती है जब आप भविष्य में एक साथ मिलकर कोई लोन ले लेते हैं. यानी अगर आप और आपके जीवनसाथी मिलकर होम लोन या कार लोन के लिए ज्वाइंट एप्लीकेशन देते हैं, तो बैंक दोनों के क्रेडिट स्कोर को चेक करता है.
ऐसी कंडीशन में अगर आपके पार्टनर का क्रेडिट स्कोर खराब है, तो बैंक इसे हाई रिस्क में रखता है. नतीजन या तो आपका लोन रिजेक्ट हो जाता है, या फिर बैंक आपसे बहुत ज्यादा ब्याज वसूलता है.
इन बातों का जरूर ध्यान रखें
ऐसे में लोन के लिए अप्लाई करने से पहले एक-दूसरे के क्रेडिट स्कोर को जानें. अगर पार्टनर का स्कोर कम है, तो पहले उनके पुराने बिलों का पेमेंट करें और छोटे लोन के जरिए स्कोर सुधारें. मान लीजिए कि अगर पार्टनर का स्कोर बहुत ही खराब है, तो ज्वाइंट लोन के बजाय, जिसका स्कोर अच्छा है, उसके नाम पर लोन लें.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं