HUL Price Hike: ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मिडिल ईस्ट संकट के चलते अब आपकी जेब पर बोझ बढ़ने वाला है. महंगाई का असर अब सीधे आपकी रोजमर्रा की जरूरतों पर दिखने वाला है. साबुन, डिटर्जेंट और पर्सनल केयर जैसे प्रोडक्ट बनाने वाली देश की बड़ी FMCG कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में कीमतें बढ़ सकती हैं. कच्चे माल और क्रूड ऑयल से जुड़े पैकेजिंग कॉस्ट बढ़ने की वजह से कंपनी 2 से 5 फीसदी तक दाम बढ़ाने की तैयारी में है.
इसका सबसे ज्यादा असर साबुन, डिटर्जेंट और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स पर पड़ेगा, जहां कंपनी कीमतें बढ़ाने के साथ-साथ पैक साइज छोटा करना का रास्ता भी अपना सकती है
2-5% तक बढ़ सकते हैं दाम, CEO ने बताई वजह
कंपनी की CEO और MD प्रिया नायर ( Priya Nair) ने बताया कि बढ़ती लागत को देखते हुए कंपनी कैलिब्रेटेड प्राइस हाइक यानी बैलेस्ड तरीके से 2-5% तक कीमतें बढ़ाएगी. उनका कहना है कि यह फैसला कच्चे माल और क्रूड से जुड़े प्रोडक्ट्स की कीमत बढ़ने के कारण लिया जा रहा है.
कंपनी के CFO निरंजन गुप्ता (Niranjan Gupta) के मुताबिक इनपुट कॉस्ट में 8-10% तक की बढ़ोतरी हुई है. इसे बैलेंस करने के लिए कंपनी पहले ही 3-5% तक कीमतें बढ़ा चुकी है और आगे भी जरूरत के हिसाब से बदलाव करेगी.
कच्चे तेल और मिडिल ईस्ट संकट का असर
पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण कच्चे तेल से जुड़े कमोडिटीज और पैकेजिंग कॉस्ट में तेजी आई है. इसका सीधा असर FMCG कंपनियों की लागत पर पड़ रहा है. इसी वजह से कंपनियां अब धीरे-धीरे कीमतें बढ़ाकर इस दबाव को बैलेंस करने की कोशिश कर रही हैं.
किन प्रोडक्ट्स पर सबसे ज्यादा असर?
कंपनी के मुताबिक सबसे ज्यादा असर होम केयर सेगमेंट पर पड़ा है, जिसमें डिटर्जेंट जैसे प्रोडक्ट्स आते हैं. इसके बाद पर्सनल केयर और ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर असर दिख रहा है. कंपनी अपने पूरे पोर्टफोलियो में कीमतों को बैलेंस करने की रणनीति अपना रही है.
कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि कीमत बढ़ाने के साथ-साथ कुछ प्रोडक्ट्स में पैक साइज कम करने यानी “Shrinkflation” का रास्ता भी अपनाया जा सकता है, ताकि ग्राहकों को तय कीमत पर प्रोडक्ट मिलता रहे.
Q4 में कंपनी का 21% बढ़ा मुनाफा,वॉल्यूम ग्रोथ भी मजबूत
जनवरी-मार्च तिमाही (Q4) में HUL का प्रदर्शन मजबूत रहा है. कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 7.6% बढ़कर ₹16,351 करोड़ रहा, जो अनुमान से थोड़ा ज्यादा है.वहीं नेट प्रॉफिट में 21.4% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹2,992 करोड़ तक पहुंच गया.
कंपनी के अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट्स में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली.होम केयर कैटेगरी में 9% की बढ़त रही, जबकि ब्यूटी एंड वेलनेस में 8% और पर्सनल केयर व फूड्स में 5-5% की ग्रोथ दर्ज हुई.HUL ने 15 तिमाहियों में सबसे ज्यादा 6% की वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज की है, जो यह दिखाता है कि कंपनी के प्रोडक्ट्स की डिमांड अभी भी मजबूत बनी हुई है.हालांकि, इसके बावजूद कंपनी ने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाने की बात कही है.
शेयर में गिरावट, निवेशकों की चिंता बढ़ी
HUL की ओर से प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाने की खबर और नतीजों जारी करने के बाद कंपनी के शेयर में गिरावट भी देखने को मिली. बीते दिन NSE पर शेयर करीब 4.4% तक गिरकर ₹2,368.8 पर आ गया.पिछले 12 महीनों में यह करीब 3.3% और इस साल अब तक लगभग 4% गिर चुका है.
कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹22 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड देने की मंजूरी दी है, जो निवेशकों के लिए एक पॉजिटिव संकेत माना जा रहा है.
कंपनी का कहना है कि GST सुधार जैसे फैक्टर डिमांड को सपोर्ट कर रहे हैं और लंबी अवधि में FMCG सेक्टर को फायदा मिलेगा. हालांकि, कच्चे माल की महंगाई फिलहाल एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिससे निपटने के लिए कंपनियां कीमतों और खर्च दोनों को संतुलित करने की रणनीति अपना रही हैं.
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