देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी बैंक में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है. HDFC Bank ने अपनी लीडरशिप में अहम बदलाव किया है. बैंक ने पूर्व फाइनेंस सेक्रेटरी राजीव कुमार को नया पार्ट टाइम चेयरमैन नियुक्त किया है. वह अतनु चक्रवर्ती की जगह लेंगे. इसके साथ ही बैंक ने बैंकिंग सेक्टर के अनुभवी ऑफिसर पुनीत शर्मा को नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है. वह 1 दिसंबर 2026 से अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे.
कौन हैं HDFC Bank के नए चेयरमैन राजीव कुमार?
राजीव कुमार 1984 बैच के IAS अधिकारी रह चुके हैं. उन्होंने भारत सरकार में वित्त सचिव के तौर पर काम किया है और बैंकिंग सेक्टर से जुड़े कई बड़े फैसलों में अहम भूमिका निभाई है. साल 2019 में सरकारी बैंकों के सबसे बड़े मर्जर को लागू कराने में उनका बड़ा रोल रहा था. उस समय 10 सरकारी बैंकों को मिलाकर 4 बड़े बैंक बनाए गए थे.इसके तहत ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का पंजाब नेशनल बैंक में, सिंडिकेट बैंक का केनरा बैंक में, आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में और इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में मर्जर किया गया था.
फरवरी 2020 में रिटायर होने के बाद उन्होंने कुछ समय तक पब्लिक एंटरप्राइजेज सेलेक्शन बोर्ड (PESB) के चेयरमैन के तौर पर भी काम किया. अब वह HDFC Bank में तीन साल के लिए पार्ट टाइम चेयरमैन रहेंगे. साथ ही 30 जून 2026 से चार साल के लिए बैंक के एडिशनल इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की जिम्मेदारी भी संभालेंगे.
कौन हैं HDFC Bank के नए CFO पुनीत शर्मा?
पुनीत शर्मा के पास बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में 20 साल से ज्यादा का अनुभव है. उन्होंने फाइनेंस, ट्रेजरी, स्ट्रैटजी और कैपिटल मैनेजमेंट जैसे कई सेक्टर में काम किया है.वह HDFC Bank में आने से पहले मार्च 2020 से एक्सिस बैंक में ग्रुप CFO थे. उन्होंने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दिया है और 31 अगस्त 2026 तक एक्सिस बैंक में अपनी सेवाएं देंगे. इसके बाद वह 1 दिसंबर 2026 से एचडीएफसी बैंक में नई जिम्मेदारी संभालेंगे.
अपने इस्तीफे में पुनीत शर्मा ने कहा कि उनका मकसद बैंक की फाइनेंस टीम को मजबूत बनाना, बेहतर वित्तीय नियंत्रण तैयार करना, बैलेंस शीट को मजबूत करना और निवेशकों का भरोसा बढ़ाना था. उन्होंने कहा कि ये सभी टारगेट अब काफी हद तक पूरे हो चुके हैं.
पुनीत शर्मा चार्टर्ड अकाउंटेंट और कॉस्ट अकाउंटेंट हैं. उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से बीकॉम किया है और इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद से भी पढ़ाई की है. HDFC Bank ने कहा है कि उनकी नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सभी जरूरी नियमों के मुताबिक की गई है.
HDFC Bank के फेरबदल पर ब्रोकरेज की क्या है राय?
HDFC Bank में हुए इन बदलावों के बाद भी ब्रोकरेज हाउस बैंक को लेकर पॉजिटिव नजर आ रहे हैं. उनका कहना है कि यह बदलाव बैंक के कारोबार में किसी कमजोरी की वजह से नहीं, बल्कि लीडरशिप को और मजबूत बनाने के लिए किया गया है.
जेफरीज ने HDFC Bank पर अपनी बाय रेटिंग बरकरार रखी है और 1,050 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है. ब्रोकरेज का कहना है कि वित्त सचिव, मुख्य चुनाव आयुक्त और पब्लिक एंटरप्राइजेज सेलेक्शन बोर्ड के चेयरमैन जैसे अहम पदों पर काम कर चुके राजीव कुमार का अनुभव बैंक के लिए काफी फायदेमंद रहेगा. जेफरीज का मानना है कि HDFC Bank की लॉन्ग टर्म की ग्रोथ मजबूत बनी हुई है.
वहीं कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का भी कहना है कि इन नियुक्तियों से HDFC Bank की लीडरशिप टीम और मजबूत हुई है.
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