सोचिए, एक ऐसी कंपनी जो अभी प्रॉफिट में भी नहीं है, लेकिन वो जब शेयर बाजार में उतरती है तो इतिहास रच देती है. आप समझ ही गए होंगे कि हम बात कर रहे हैं एलन मस्क की रॉकेट और सैटेलाइट बनाने वाली कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) की. शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार 'Nasdaq' पर स्पेसएक्स की ऐसी धमाकेदार एंट्री हुई कि पूरी दुनिया देखती रह गई. लिस्टिंग के पहले ही दिन स्पेसएक्स के शेयर 19% उछल गए. इस एक उछाल ने कंपनी की वैल्यू को 2 ट्रिलियन डॉलर (यानी करीब 170 लाख करोड़ रुपये) के पार पहुंचा दिया. इसी के साथ स्पेसएक्स अमेरिका की छठी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है और इसके मालिक एलन मस्क दुनिया के पहले 'ट्रिलियनेर' यानी 100 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के मालिक बन गए हैं.
टॉप-14 भारतीय कंपनियों के बराबर दौलत!
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के अनुसार, मस्क की संपत्ति करीब 1.11 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गई है. भारतीय रुपये में देखें तो ये 105.64 लाख करोड़ (10,56,41,41,95,00,000) रुपये होंगे. ये इतने पैसे हैं कि भारत की टॉप-10 कंपनियों को आसानी से खरीद सकते हैं. हालांकि ये व्यवहारिक तौर पर संभव नहीं है, फिर भी कैलकुलेशन के लिहाज से देखें तो BSE के मुताबिक, देश की टॉप-10 कंपनियों की वैल्यू 8834795.22 करोड़ रुपये होती है.
इनमें रिलायंस, HDFC बैंक, भारती एयरटेल, SBI, TCS, हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसी कंपनियां शामिल हैं. कैलकुलेशन के लिहाज से मस्क की दौलत (105.64 लाख करोड़) से टॉप-10 कंपनियों की वैल्यू (88.35 लाख करोड़) रुपये कम कर दें तो भी मस्क के पास 17.29 लाख करोड़ रुपये बच जाएंगे. इन पैसों से टॉप-10 से नीचे की 4 अन्य कंपनियां खरीदी जा सकती है!
मस्क के जादू पर फिदा हुए निवेशक
इस ऐतिहासिक आईपीओ (IPO) के जरिए कंपनी ने बाजार से 75 बिलियन डॉलर जुटाए, जो सऊदी अरामको के 2019 के रिकॉर्ड से दोगुने से भी ज्यादा है. बाजार खुलते ही मस्क के दीवानों में शेयर खरीदने की होड़ मच गई. शुक्रवार को करीब 84 बिलियन डॉलर मूल्य के 51 करोड़ शेयरों की ट्रेडिंग हुई.
बाजार के जानकारों का कहना है कि लोगों के लिए स्पेसएक्स में पैसा लगाना वैसा ही है, जैसे 19वीं सदी की औद्योगिक क्रांति के दौरान रेलवे में पैसा लगाना था. निवेशक मस्क के विजन और उनके ट्रैक रिकॉर्ड के भरोसे आंख मूंदकर बड़ा प्रीमियम देने को तैयार हैं.
टूट गए दिग्गजों के रिकॉर्ड
अपनी पहली ही छलांग में स्पेसएक्स ने ब्रॉडकॉम जैसी दिग्गज टेक कंपनी को पीछे छोड़ दिया है और अब उसकी नजर अमेजन ($2.6 ट्रिलियन) पर है. इस लिस्टिंग की सबसे खूबसूरत बात यह रही कि इसमें मस्क ने अपने छोटे (रिटेल) निवेशकों का खास ख्याल रखा. आमतौर पर बड़े IPO में आम जनता को मौका नहीं मिलता, लेकिन यहां 20% हिस्सा छोटे निवेशकों को मिला. हालत ये थी कि कुछ लोग सिर्फ एक शेयर मिलने पर भी जश्न मना रहे थे.
यही नहीं, इस लिस्टिंग के बाद स्पेसएक्स के करीब 4,000 मौजूदा और पूर्व कर्मचारी एक झटके में करोड़पति बन गए हैं. कंपनी के शुरुआती दिनों को याद करते हुए एक पूर्व कर्मचारी ने कहा, 'कागज पर बने कुछ स्केच से शुरू हुई कंपनी को आज इस मुकाम पर देखना किसी सपने जैसा है.'
क्या पॉजिटिव, क्या निगेटिव?
रॉयटर्स के मुताबिक, कुछ एक्सपर्ट्स इस रफ्तार को लेकर थोड़े सतर्क भी हैं. मॉर्निंगस्टार जैसी रेटिंग एजेंसियों का मानना है कि कंपनी की असल वैल्यू अभी कम होनी चाहिए क्योंकि कंपनी का रेवेन्यू फिलहाल $18.7 बिलियन ही है. उस हिसाब से शेयर बहुत महंगे हैं.
हालांकि दूसरी ओर समर्थकों का कहना है कि कंपनी के शेयर आंकड़ों के दम पर नहीं, बल्कि भविष्य के दम पर खरीदे जा रहे हैं. स्पेसएक्स का मानना है कि अंतरिक्ष और सैटेलाइट इंटरनेट (स्टारलिंक) के क्षेत्र में उसके सामने 28.5 ट्रिलियन डॉलर का विशाल बाजार खुला है. ठीक वैसे ही, जैसे कभी अमेजन ने लोगों की जिंदगी बदली थी, वैसे ही स्पेसएक्स दुनिया बदलने का दम रखती है.
Source: NDTV Research/ Reuters/ BSE Sensex
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