विज्ञापन

क्रूड ऑयल फिर 110 डॉलर के पार! उधर ईरान को ट्रंप की धमकी, इधर तेल में फिर से उबाल, हवाई सफर भी महंगा! 

CNN के अनुसार, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि जलमार्ग  'तब तक अवरुद्ध रहेगा जब तक ईरान को युद्ध क्षति के लिए मुआवजा नहीं मिल जाता.'

क्रूड ऑयल फिर 110 डॉलर के पार! उधर ईरान को ट्रंप की धमकी, इधर तेल में फिर से उबाल, हवाई सफर भी महंगा! 
Crude Oil Price Drop: ट्रंप के बयान के बाद बढ़े कच्‍चे तेल के दाम

Crude Oil Prices Rise: ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की जंग जारी है और वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग हॉर्मूज स्‍ट्रेट लगभग बंद है. जंग कब खत्‍म होगी, इसके संकेत भी नहीं दिख रहे. न अमेरिका, इजरायल पीछे हटने को तैयार हैं और न ही ईरान मान रहा. नतीजा- क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ी जा रही हैं. रविवार को अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को मंगलवार रात 8 बजे तक का अल्‍टीमेटम देते हुए धमकाया है. उधर ट्रंप ने धमकी दी और इधर क्रड ऑयल की कीमतें एक बार फिर बढ़ गई हैं. ब्रेंट क्रूड और WTI क्रूड ऑयल की कीमतें 110 डॉलर/बैरल के पार पहुंच गई हैं.

समाचार एजेंसी IANS ने CNN के हवाले से बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा न खोलने पर ईरानी ऊर्जा केंद्रों पर हमले की धमकी के बाद रविवार को तेल की कीमतों में तेजी आई.

110 डॉलर/बैरल के पार पहुंचा तेल 

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ब्रेंट क्रूड 1.4 फीसदी बढ़कर 110.60 डॉलर हो गया, जबकि अमेरिकी क्रूड 1.8 फीसदी बढ़कर 113.60 डॉलर हो गया है. ईरान और ओमान के बीच स्थित संकरा जलमार्ग होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है. यहां किसी भी प्रकार की व्यवधान का बाजारों पर तत्काल प्रभाव पड़ता है.    

वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 फीसदी हिस्सा हर साल इस स्ट्रेट से होकर गुजरता है, जिससे यह दुनिया के सबसे रणनीतिक रूप से संवेदनशील चोकपॉइंट्स में से एक बन गया है.    

मौजूदा गतिरोध से पहले ही टैंकर लदे जहाजों का रास्‍ता बाधित है. फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, बहरीन के विदेश मंत्री ने कहा, 'ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के आवागमन में बाधा डालने से टैंकरों का आवागमन 90 फीसदी से अधिक कम हो गया है और अब यह वैश्विक खाद्य सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा बन गया है. इसका प्रभाव केवल ऊर्जा बाजारों तक ही सीमित नहीं है. समुद्री व्यापार में व्यवधान से खाद्य और उर्वरक आपूर्ति शृंखलाएं भी प्रभावित हो रही हैं.' 

बाजार में अस्थिरता क्‍या पहले से ज्‍यादा बढ़ी 

बहरीन के मंत्री ने कहा कि संकट जहाजों को होने वाले शुरुआती खतरों से कहीं आगे बढ़ गया है और अब वैश्विक स्थिरता के लिए एक व्यापक खतरा पैदा कर रहा है. इसके परिणाम अब केवल ऊर्जा बाजारों तक ही सीमित नहीं हैं. बाजार में अस्थिरता ईंधन की कीमतों में पहले से ही दिखाई दे रही है. अमेरिका में संघर्ष से जुड़ी कच्चे तेल की बढ़ती लागत के कारण गैसोलीन की कीमतों में उछाल आया है. फॉक्स न्यूज के अनुसार, राष्ट्रीय औसत गैसोलीन की कीमत लगभग 4.11 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है, जो हाल के हफ्तों में तेजी से बढ़ी है. लगभग हर क्षेत्र में कीमतें बढ़ी हैं और कुछ क्षेत्रों में तो राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर पहुंच गई हैंरिपोर्ट में कहा गया है,  'ईरान के साथ जारी संघर्ष के चलते कच्चे तेल की लागत बढ़ने से गैस की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं.'

जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ीं, हवाई यात्रा महंगी 

जेट ईंधन की कीमतों में भी भारी उछाल आया है, जिससे एयरलाइनों की परिचालन लागत बढ़ गई है और हवाई किराए में वृद्धि तथा उड़ान क्षमता में कमी की संभावना बढ़ गई है. फॉक्स न्यूज़ ने उद्योग के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया,  'अमेरिका में जेट ईंधन की कीमतों में पिछले कई वर्षों में सबसे तेज वृद्धि हुई है, कुछ ही हफ्तों में ये दोगुनी से भी अधिक हो गई हैं.     '

विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में लंबे समय तक व्यवधान से वैश्विक रसद पर और दबाव पड़ सकता है, विशेष रूप से एशिया और यूरोप के ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर असर पड़ेगा. तत्काल कीमतों में उछाल के अलावा, यह स्थिति वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता को बढ़ावा दे रही है. न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, तेल बाजारों ने सप्ताहांत के घटनाक्रम पर बढ़ती कीमतों और व्यापक आर्थिक चिंताओं के साथ प्रतिक्रिया व्यक्त की.    

युद्ध क्षति का मुआवजा चाहता है ईरान?

सीएनएन के अनुसार, ओमान ईरान के साथ अंतिम दौर की बातचीत में शामिल रहा है, जबकि पाकिस्तान सहित क्षेत्रीय देशों ने भी चर्चा में भाग लिया है. इन प्रयासों के बावजूद ईरान ने संकेत दिया है कि जब तक उसकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वह स्ट्रेट को बंद रखेगा, जिससे और तनाव बढ़ने का खतरा बढ़ गया है.  CNN के अनुसार, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि जलमार्ग  'तब तक अवरुद्ध रहेगा जब तक ईरान को युद्ध क्षति के लिए मुआवजा नहीं मिल जाता.'

इस संकट ने ऊर्जा उत्पादकों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से भी चेतावनी जारी कर दी है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ओपेक+ के सदस्यों ने ऊर्जा बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान और लंबे समय तक आपूर्ति में व्यवधान की संभावना पर चिंता व्यक्त की है. 

ये भी पढ़ें: सोना-चांदी कहां सस्‍ता, कहां महंगा? जानिए आज 4 अप्रैल, शनिवार को आपके शहर में क्‍या भाव चल रहा गोल्‍ड-सिल्‍वर

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Crude Oil Price, Crude Oil Price Check, Crude Oil Price Hike, Crude Oil Price Hike India, Brent Crude
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com