- ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं.
- अब ईरान के विदेश मंत्री ने एलान किया कि सीजफायर के दौरान हॉर्मुज पूरी तरह से खुला रहेगा.
- इससे तेल की कीमतों में बहुत बड़ी गिरावट आ गई है तो दुनिया भर के शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल.
ईरान ने शुक्रवार को एलान किया कि अमेरिका के साथ चल रहे सीजफायर के बाकी समय होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला रहेगा. इसके साथ ही तेल की कीमतों में बहुत बड़ी गिरावट देखने को मिली. तेल की कीमतें 10% तक नीचे आ गईं. साथ ही दुनियाभर के शेयर बाजार भी उछल पड़े. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागाची ने एलान किया कि सीजफायर के दौरान होर्मुज से सभी कमर्शियल जहाजों का आना-जाना पूरी तरह से खुला रहेगा.
होर्मुज स्ट्रेट वही अहम समुद्री रास्ता है जिससे होकर दुनिया भर में सप्लाई होने वाला करीब हर पांचवां हिस्सा कच्चा तेल गुजरता है.
ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर से नीचे, WTI 82 डॉलर के करीब
ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद इस रास्ते पर रुकावट आ गई थी, जिससे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं और ग्लोबल इकोनॉमी पर खतरा मंडराने लगा था.
अब ईरान के ताजा एलान के बाद हालात सुधरने के संकेत मिलने लगे हैं. अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर से नीचे आ गया है. तो अमेरिकी तेल WTI भी फिसलकर 82 डॉलर के आसपास आ गया है.

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सरपट भागे दुनियाभर के शेयर बाजार
इस खबर का बाजार पर तुरंत असर दिखा है. अमेरिकी वाल स्ट्रीट में भी जोरदार तेजी देखी गई. S&P 500 और Nasdaq Composite दोनों इंडेक्स पिछले दिन बने रिकॉर्ड हाई को और आगे बढ़ाते दिखे.
सीजफायर के दौरान यह अब तक की सबसे बड़ी खबर है और इससे उम्मीद जगी है कि 28 फरवरी से चल रहा यह युद्ध जल्द खत्म हो सकता है. इससे सप्लाई चेन धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी.

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अमेरिकी ब्लॉकेड अभी जारी
हालांकि, ये स्पष्ट नहीं है कि अराघची 10 दिन के लेबनान-इजरायल सीजफायर की बात कर रहे थे या 8 अप्रैल से शुरू हुए अमेरिका-ईरान के दो हफ्ते के युद्धविराम की.
फिर भी उनके बयान से शांति वार्ता और सीजफायर आगे बढ़ने की उम्मीद मजबूत हुई है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के पोर्ट्स पर अमेरिकी ब्लॉकेड अभी भी जारी है.
इसी बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने सहयोगी देशों की बैठक बुलाई है, जिसमें जंग खत्म होने के बाद होर्मुज में फ्री ट्रेड सुनिश्चित करने के लिए मल्टीनेशनल फोर्स भेजने पर चर्चा हो रही है.
इधर यूरोप में भी दोपहर के कारोबार में तेजी रही. फ्रैंकफर्ट और पेरिस करीब 2% तक चढ़े. लेकिन एशियाई बाजारों में गिरावट देखने को मिली.
टोक्यो में बड़ी गिरावट आई. हांगकांग और शंघाई भी नीचे बंद हुए. ताइवान का TAIEX इंडेक्स भी गिरा. हालांकि हाल ही में इसका मार्केट कैप 4.14 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया था, जिससे यह दुनिया का सातवां सबसे बड़ा इंडेक्स बन गया.

भारतीय समय शाम 6.30 बजे तक के आंकड़े
Brent Crude: 9.9% गिरकर $89.56 प्रति बैरल
WTI: 10.2% गिरकर $81.88 प्रति बैरल
Dow Jones: 1.3% बढ़कर 49,221.56
S&P 500: 0.7% बढ़कर 7,092.15
Nasdaq: 0.9% बढ़कर 24,317.32
FTSE 100 (लंदन): 0.5% ऊपर
CAC 40 (पेरिस): 2.0% ऊपर
DAX (फ्रैंकफर्ट): 2.2% ऊपर
Nikkei (टोक्यो): 1.8% गिरा
Hang Seng (हांगकांग): 0.9% गिरा
Shanghai Composite: 0.1% गिरा
यूरो/डॉलर: बढ़कर 1.1833
पाउंड/डॉलर: बढ़कर 1.3579
डॉलर/येन: गिरकर 158.41
यूरो/पाउंड: बढ़कर 87.17 पेंस
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