Union Budget 2026 - 2027: भारत को साल 2047 तक एक विकसित अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में सरकार बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर अपना खजाना और ज्यादा खोल सकती है. देश की सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) आर शंकर रमन को उम्मीद है कि आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पूंजीगत व्यय (Capex) में कम से कम 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
क्या होता है पूंजीगत व्यय (Capex)?
आसान शब्दों में समझें तो सरकार जब नए हाईवे, रेलवे लाइन, पुल, अस्पताल या स्कूल बनाने पर पैसा खर्च करती है, तो उसे 'पूंजीगत व्यय' कहा जाता है. इससे न केवल देश का ढांचा मजबूत होता है, बल्कि रोजगार के लाखों नए मौके भी पैदा होते हैं.
कितना बढ़ सकता है बजट?
पिछले बजट (2025-26) में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने का वादा किया था. आर शंकर रमन का मानना है कि इस बार भी सरकार इसी दिशा में आगे बढ़ेगी.
निजी निवेश और क्वालिटी पर जोर
निजी निवेश में सुस्ती की चिंताओं को खारिज करते हुए रमन ने कहा कि सिस्टम में पर्याप्त नकदी मौजूद है, जो निजी क्षेत्र को भी निवेश के लिए प्रेरित करेगी. हालांकि, उन्होंने एक बड़ी समस्या की ओर भी इशारा किया. उन्होंने कहा कि कभी-कभी प्रोजेक्ट्स उन लोगों को दे दिए जाते हैं जो सबसे कम बोली (L1) लगाते हैं, भले ही वे तकनीकी रूप से उतने मजबूत न हों. इससे काम में देरी होती है.
उन्होंने सुझाव दिया कि अब सरकार को 'क्वालिटी बेस्ड' मूल्य निर्धारण को अपनाना चाहिए, ताकि काम समय पर और बेहतर तरीके से पूरा हो सके.
यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ ही हफ्तों में नया बजट पेश होने वाला है. अगर यह उम्मीद सच साबित होती है, तो सीमेंट, स्टील और निर्माण क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के लिए 2026 एक बड़ा साल साबित हो सकता है.
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