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जितनी देर में आपने ये Headline पढ़ी, बड़ी तेल कंपनियों ने कमा लिए 11.3 लाख रुपए

Oil Company Earnings Per Hour : आज भारत हो या अमेरिका, हर जगह मिडिल क्लास तेल की कीमतों से परेशान है. डीजल की बढ़ती कीमतों ने माल ढुलाई महंगी कर दी है, जिसका सीधा असर सब्जियों और अनाज के दामों पर पड़ा है. जबकि कंपनियां अपने शेयरधारकों को बड़ा डिविडेंड बांट रही हैं.

जितनी देर में आपने ये Headline पढ़ी, बड़ी तेल कंपनियों ने कमा लिए 11.3 लाख रुपए

Oil Company Earnings Per Hour : आपने सोचा है कि जब आप पेट्रोल पंप पर अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराने के लिए अपनी जेब ढीली करते हैं, तो वो पैसा किसकी तिजोरी में जा रहा है? जिस समय पूरी दुनिया रूस-यूक्रेन और मिडिल ईस्ट के युद्धों (US-Iran Conflict 2026) की वजह से महंगाई की आग में जल रही है, ठीक उसी समय दुनिया की बड़ी तेल और गैस कंपनियां मुनाफा बना रही हैं. राइस्टैड एनर्जी और द गार्जियन की एक रिपोर्ट से पता चला कि ईरान युद्ध के पहले महीने में दुनिया की टॉप 100 तेल और गैस कंपनियों ने हर घंटे 3 करोड़ डॉलर से ज़्यादा कमाए यानी हर सेकंड 8,333 डॉलर.

तेल की कीमतों में लगी आग

फरवरी 2026 में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते टेंशन और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की रुकावट ने कच्चे तेल की कीमतों को $100 के पार पहुंचा दिया. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की इस उछाल ने आम आदमी के लिए रोटी, कपड़ा और मकान सभी कुछ महंगा कर दिया है, लेकिन एक्सॉनमोबिल (ExxonMobil), शेवरॉन (Chevron) और सऊदी अरामको (Saudi Aramco) जैसी कंपनियों के लिए ये वॉर बोनन्जा साबित हो रहा है.

Oil Company Earnings Per Hour

Oil Company Earnings Per Hour

हर सेकंड की कमाई देखिए

Oxfam International की रिपोर्ट के अनुसार शेवरॉन, शेल, बीपी, कोनोकोफिलिप्स, एक्सॉन और टोटलएनर्जीज कंपनियों की 2026 में कमाई हर सेकंड लगभग $2,967 होगी. इसका मतलब है कि 2025 के मुकाबले उनकी कमाई हर दिन करीब 3.7 करोड़ डॉलर ज्यादा हुई.

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महंगाई से मिडिल क्लास हुआ परेशान

आज भारत हो या अमेरिका, हर जगह मिडिल क्लास तेल की कीमतों से परेशान है. डीजल की बढ़ती कीमतों ने माल ढुलाई महंगी कर दी है, जिसका सीधा असर सब्जियों और अनाज के दामों पर पड़ा है. जबकि कंपनियां अपने शेयरधारकों को बड़ा डिविडेंड बांट रही हैं.  जर्मनी, स्पेन और इटली जैसे कई देशों ने अब इन कंपनियों पर विंडफॉल टैक्स (Windfall Tax) लगाने की मांग कर दी है. मांग ये है कि युद्ध के मुनाफे का एक हिस्सा उन लोगों की मदद के लिए इस्तेमाल किया जाए जो बिजली और गैस के बिल नहीं भर पा रहे हैं.

रूस‑यूक्रेन युद्ध में तेल कंपनियों ने जमकर पैसा बनाया

पिछले कुछ सालों में दुनिया में जो बड़े युद्ध हुए हैं, खासकर रूस‑यूक्रेन युद्ध, उनसे तेल और गैस कंपनियों को बहुत फायदा हुआ है. Global Witness की फरवरी की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद के चार सालों में बड़ी तेल‑गैस कंपनियों ने मिलकर करीब 5,000 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया.

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