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एयर इंडिया का बड़ा ऐलान, फिर शुरू होंगी मिडिल ईस्ट की सभी उड़ानें, कई नए शहरों से डायरेक्ट फ्लाइट्स

Air India West Asia Flights: मिडिल ईस्ट में तनाव और एयरस्पेस बंद होने के बाद भी यात्रियों की मांग में कोई कमी नहीं आई है. अब उड़ानों को लेकर एयर इंडिया ने एक बड़ा फैसला लिया है, जो इस सर्दी से लागू होगा. जानिए अब रूट और फ्लाइट्स में क्या बदलने जा रहा है.

एयर इंडिया का बड़ा ऐलान, फिर शुरू होंगी मिडिल ईस्ट की सभी उड़ानें, कई नए शहरों से डायरेक्ट फ्लाइट्स
Air India Middle East Flights: मिडिल ईस्ट एयरस्पेस बंद होने के बावजूद पैसेंजर्स की भारी डिमांड देखी गई.

अगर आप यूएई या दूसरे खाड़ी देशों की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. एयर इंडिया ने कहा है कि इस साल के विंटर शेड्यूल से वह पश्चिम एशिया के अपने पूरे नेटवर्क को फिर से शुरू करने की तैयारी में है. हालात लगातार सामान्य हो रहे हैं और ज्यादातर प्रभावित उड़ानों की बुकिंग भी शुरू कर दी गई है.

क्यों प्रभावित हुई थीं उड़ानें?

एयर इंडिया के चीफ कमर्शियल और ट्रांसफॉर्मेशन ऑफिसर और एयर इंडिया एक्सप्रेस के चेयरमैन निपुण अग्रवाल ने बताया कि हाल के दिनों में मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण कई देशों का एयरस्पेस बंद हो गया था. इसी वजह से फ्लाइट्स के ऑपरेशन में दिक्कत आई. हालांकि यात्रियों की मांग में कोई कमी नहीं आई. उनका कहना है कि जैसे ही एयरस्पेस और एयरपोर्ट पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे, एयर इंडिया अपनी पूरी क्षमता के साथ उड़ानें संचालित करती रहेगी.

कंपनी के मुताबिक, पश्चिम एशिया की स्थिति लगातार बदलती रहती है. ऐसे में एयर इंडिया हर दिन सुरक्षा का आकलन करती है . स्थानीय प्रशासन  और एयरपोर्ट अधिकारियों के साथ मिलकर तय करती है कि उड़ानें चलाना सुरक्षित है या नहीं. अगर हालात सुरक्षित रहे, तो नेटवर्क पहले की तरह जारी रहेगा.

महंगे ATF का कितना असर पड़ा?

निपुण अग्रवाल ने कहा कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें भू-राजनीतिक हालात पर निर्भर करती हैं और एयरलाइन के नियंत्रण में नहीं होतीं. कंपनी अपने नेटवर्क और क्षमता का बेहतर प्रबंधन कर सकती है, लेकिन ईंधन की बढ़ती कीमतों से पूरी तरह बचना संभव नहीं है. उन्होंने उम्मीद जताई कि सबसे मुश्किल दौर अब पीछे छूट चुका है.

हर साल आएंगे 60 से 70 नए विमान

एयर इंडिया ने अपने बड़े विस्तार की योजना भी साझा की है. कंपनी ने करीब 600 विमानों का ऑर्डर दिया है, जिनमें अभी 10% से भी कम विमान मिले हैं. इस साल के आखिर से डिलीवरी तेज होगी और अगले 7 से 8 वर्षों तक हर साल 60 से 70 नए विमान बेड़े में शामिल किए जाएंगे. अगले 12 से 18 महीनों में 10 से 15 वाइड-बॉडी और 40 से 50 नैरो-बॉडी विमान मिलने की उम्मीद है. इसमें Boeing 787-9 Dreamliner और 737 MAX 8 की डिलीवरी भी शामिल है. कंपनी को उम्मीद है कि 737 MAX 10 का सर्टिफिकेशन होते ही वह इसे पाने वाली शुरुआती एयरलाइंस में होगी.

पुराने विमानों की जगह मिलेंगे नए केबिन

एयर इंडिया अपने पूरे बेड़े को एडवांस बनाने में भी जुटी है. नैरो-बॉडी विमानों में नए केबिन लगाए जा चुके हैं. एयर इंडिया एक्सप्रेस अगले साल मार्च तक अपने पूरे बेड़े का अपग्रेड पूरा कर लेगी. वहीं ड्रीमलाइनर विमानों का अपग्रेड अगले साल के मध्य तक और उसके बाद बोइंग 777 विमानों का आधुनिकीकरण किया जाएगा. कंपनी का कहना है कि पुराने विमानों वाला मुश्किल दौर अब खत्म हो रहा है.

UAE बना एयर इंडिया का सबसे बड़ा विदेशी बाजार

एयर इंडिया ग्रुप की कुल कमाई और क्षमता का करीब दो-तिहाई हिस्सा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आता है. इनमें भी लगभग आधा कारोबार पश्चिम एशिया से जुड़ा है, जबकि इस क्षेत्र के ट्रैफिक का करीब दो-तिहाई हिस्सा सिर्फ यूएई से आता है. यानी अकेला यूएई एयर इंडिया ग्रुप के कुल कारोबार का लगभग एक-चौथाई हिस्सा बन चुका है.

इन नए शहरों से भी मिलेगी डायरेक्ट फ्लाइट्स  

एयर इंडिया एक्सप्रेस पहले मुख्य रूप से दक्षिण भारत को खाड़ी देशों से जोड़ती थी. अब कंपनी तेजी से अपना नेटवर्क बढ़ा रही है. हाल ही में लखनऊ, इंदौर और नवी मुंबई से यूएई के लिए नई सीधी उड़ानें शुरू की गई हैं. वहीं गुवाहाटी से यूएई के लिए पहली उड़ान अगस्त के पहले सप्ताह से शुरू होगी. कंपनी का कहना है कि आने वाले महीनों और वर्षों में देश के और भी शहरों को सीधे यूएई से जोड़ा जाएगा.

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