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अदाणी ग्रुप पर अमेरिका में केस पूरी तरह क्‍लोज: सीनियर एडवोकेट विकास पाहवा

अमेरिका में अदाणी ग्रुप के खिलाफ केस पूरी तरह क्‍लोज हो चुका है, ये समझाया है सीनियर एडवोकेट विकास पाहवा ने. उन्‍होंने ये भी एक्‍सप्‍लेन किया कि क्‍यों ये मामला अमेरिका में शुरू ही नहीं होना चाहिए था.

अदाणी ग्रुप पर अमेरिका में केस पूरी तरह क्‍लोज: सीनियर एडवोकेट विकास पाहवा
सीनियर एडवोकेट ने डिटेल में समझाई हर एक बात.
Source: NDTV Graphics/Social

अमेरिकी अदालत ने अदाणी ग्रुप के खिलाफ लगे आरोपों वाले केस को खारिज कर दिया है. इस फैसले को कानूनी विशेषज्ञों ने बेहद महत्वपूर्ण बताया है. सीनियर एडवोकेट विकास पाहवा ने इस फैसले को अदाणी ग्रुप के लिए बड़ी जीत बताते हुए कहा कि यह न केवल कानूनी रूप से बल्कि जन धारणा के लिहाज से भी एक बड़ा पड़ाव है. 

विकास पाहवा ने कहा कि अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने खुद स्वीकार किया है कि कथित तौर पर रिश्वतखोरी का लेनदेन कभी अमेरिका में हुआ ही नहीं था, बल्कि ये भारत का मामला था. ऐसे में अमेरिका के पास इस मामले में कोई ज्‍यूरिडिक्‍शन यानी अधिकार क्षेत्र ही नहीं था. 

'दोबारा नहीं खुल सकता है केस' 

पाहवा ने क्लियर किया कि जब किसी इंडिक्टमेंट (आरोप पत्र) को अदालत खारिज कर देता है और उस पर न्यायिक जांच की मुहर लग जाती है, तो उसे दोबारा नहीं खोला जा सकता. उनके अनुसार, अदाणी के खिलाफ अमेरिका में चल रहा यह मामला अब 'पूरी तरह बंद' (Absolutely Closed) हो चुका है.

अदाणी ग्रुप के लिए क्यों महत्वपूर्ण है ये फैसला?

अधिवक्ता पाहवा ने बताया कि पिछले साल अमेरिका में हुए इंडिक्टमेंट के कारण ग्रुप की काफी नकारात्मक पब्लिसिटी हुई थी. इस फैसले से कंपनी को बड़ी राहत मिली है. पाहवा के अनुसार, अमेरिकी अदालत की न्यायिक स्क्रूटनी के बाद अब इस मामले को फिर से खोलने की कोई गुंजाइश नहीं बची है.

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न्यायिक प्रक्रिया में अमेरिकी अदालत की भूमिका

पाहवा ने बताया कि इस प्रक्रिया में अमेरिकी फेडरल कोर्ट का रोल बेहद महत्वपूर्ण रहा. उन्होंने बताया कि कोर्ट ने डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस से कई बार हलफनामे और स्पष्टीकरण मांगे थे. कोर्ट ने यह जांचा कि क्या आरोप न्यायसंगत हैं या नहीं, और जब इन सब बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई, तब अदालत ने अदाणी ग्रुप की ओर से दायर आवेदनों और डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस द्वारा इंडिक्टमेंट वापस लेने की मांग को स्वीकार किया.

अधिवक्ता विकास पाहवा का मानना है कि यह फैसला न केवल अदाणी ग्रुप की विश्वसनीयता को बहाल करने में सहायक होगा, बल्कि कानूनी रूप से भी इस मामले का पटाक्षेप कर देता है.

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(Disclaimer: New Delhi Television is a subsidiary of AMG Media Networks Limited, an Adani Group Company.)

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