ACC Q1 Results: अदाणी ग्रुप के सीमेंट्स पोर्टफोलियो की प्रमुख कंपनी एसीसी (ACC Limited) के चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे दमदार रहे है. कंपनी ने पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव और ईंधन की कीमतों में आई तेजी के बावजूद चुनौतीपूर्ण माहौल में लचीला प्रदर्शन दिखाया है. इसके साथ ही सीमेंट्स कंपनियों के विलय पर भी अदाणी ग्रुप ने बड़ा अपडेट दिया है.
कैसी रही आय, कितना बढ़ा मुनाफा?
कंपनी के मुताबिक, पैरेंट कंपनी अंबुजा सीमेंट्स (Ambuja Cements) के साथ उच्च एमएसए (MSA) वॉल्यूम और बड़े इंटीग्रेटेड प्लांट्स के मेंटेनेंस के चलते प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ा है. जून तिमाही के दौरान एसीसी लिमिटेड के प्रमुख वित्तीय आंकड़े देखिए :
आय (Revenue): ऑपरेशन्स से कंपनी का कुल राजस्व 5,808 करोड़ रुपये रहा.
ऑपरेटिंग EBITDA: तिमाही का ऑपरेटिंग EBITDA 457 करोड़ रुपये (₹458/टन) दर्ज किया गया.
शुद्ध लाभ (PAT): कंपनी का टैक्स के बाद मुनाफा 147 करोड़ रुपये रहा.
सेल्स वॉल्यूम: जून तिमाही में सीमेंट बिक्री की मात्रा 10 मिलियन टन (MnT) रही.
ट्रेड शेयर और प्रीमियम उत्पाद: कुल ट्रेड सेल्स में प्रीमियम प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी साल-दर-साल (YoY) 3 फीसदी बढ़कर 44 फीसदी पर पहुंच गई.
क्षमता विस्तार और 'वन सीमेंट प्लेटफॉर्म'
अदाणी ग्रुप के साथ तालमेल बिठाते हुए एसीसी अपनी क्षमता विस्तार योजना पर तेजी से काम कर रही है. उत्तर प्रदेश के सलाई बनवा (Salai Banwa) में 2.4 MTPA ग्राइंडिंग यूनिट का ट्रायल रन शुरू हो चुका है. वहीं, महाराष्ट्र के कलंबोली (Kalamboli) में क्षमता विस्तार से सितंबर 2027 तिमाही तक 1 MTPA अतिरिक्त क्षमता जुड़ेगी.
'वन सीमेंट प्लेटफॉर्म' (One Cement Platform) बनाने के लिए एसीसी और अंबुजा सीमेंट्स के प्रस्तावित विलय (Amalgamation) को 4 जून 2026 को सेबी (SEBI) से एनओसी मिल चुका है.
इसके बाद 29 जून 2026 को एनसीएलटी (NCLT) में आवेदन दाखिल कर दिया गया है. रेगुलेटरी मंजूरियों के बाद इस विलय प्रक्रिया को वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान पूरा करने की उम्मीद है.
लागत में कटौती और ग्रीन पावर पर ध्यान
ACC के होल-टाइम डायरेक्टर और CEO विनोद बाहेती ने बताया कि कंपनी ने पहली तिमाही में परिचालन दक्षता में सुधार किया है. हरित ऊर्जा (Green Power) की हिस्सेदारी 26% से बढ़कर 31% हो गई है. कंपनी अदाणी ग्रुप के साथ तालमेल के जरिए वित्त वर्ष 2026-27 में प्रति टन लागत में करीब ₹250 (PMT) की कमी लाने के लिए प्रतिबद्ध है.
पश्चिम एशिया संकट के कारण पेटकोक और कोयले के महंगे होने से उद्योग पर निकट भविष्य में लागत का दबाव रह सकता है, लेकिन एसीसी लॉजिस्टिक्स दक्षता और रिन्यूएबल एनर्जी का उपयोग बढ़ाकर इनसे निपटने की तैयारी में है.
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(Disclaimer: New Delhi Television is a subsidiary of AMG Media Networks Limited, an Adani Group Company.)
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