विज्ञापन

8th Pay Commission News: कर्मचारियों की लगेगी लॉटरी! फिटमेंट फैक्टर 3.25 होने से ₹58,500 हो सकती है सैलरी, ये रहा पूरा कैलकुलेशन

8th Pay Commission Salary Hike 2026: 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर कितना होगा यह तय करेगा कि सैलरी और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी.ऐसे में कर्मचारियों को आयोग की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करना होगा.

8th Pay Commission News: कर्मचारियों की लगेगी लॉटरी! फिटमेंट फैक्टर 3.25 होने से ₹58,500 हो सकती है सैलरी, ये रहा पूरा कैलकुलेशन
8th Pay Commission Salary Calculator: 8वें वेतन आयोग का फायदा सिर्फ काम कर रहे कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि लाखों पेंशनर्स को भी मिलेगा.
नई दिल्ली:

8th Pay Commission Update: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बहुत अच्छी खबर आ रही है. 8वें वेतन आयोग को लेकर हलचल काफी तेज हो गई है और अब सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद जगी है. कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने अपनी मांगें रखना शुरू कर दिया है, जिसमें सबसे खास बात सैलरी बढ़ाने वाले फॉर्मूले यानी फिटमेंट फैक्टर को लेकर है.

अगर सरकार इन मांगों को मान लेती है, तो कर्मचारियों की जेब में हर महीने आने वाली रकम काफी बढ़ जाएगी.

मिनिमम सैलरी में हो सकता है तीन गुना इजाफा

अभी के नियमों के हिसाब से केंद्रीय कर्मचारियों को कम से कम 18,000 रुपये सैलरी यानी मिनिमम बेसिक पे मिलती है. लेकिन 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद इसमें बहुत बड़ा उछाल आ सकता है. कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं कि इसे बढ़ाकर 54,000 रुपये से लेकर 58,500 रुपये के बीच कर दिया जाए. यह बदलाव  कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ी राहत होगा जो बढ़ती महंगाई के बीच अपनी सैलरी बढ़ने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

क्या है फिटमेंट फैक्टर? कैसे कैलकुलेट होगी सैलरी

फिटमेंट फैक्टर वह खास नंबर या मल्टीप्लायर है जिससे पुरानी सैलरी को नई सैलरी में बदला जाता है. पिछली बार यानी 7वें वेतन आयोग में इसे 2.57 रखा गया था, जिसकी वजह से मिनिमम सैलरी 7,000 से बढ़कर 18,000 रुपये हुई थी. अब कर्मचारी प्रतिनिधि मांग कर रहे हैं कि इस बार इसे बढ़ाकर 2.86 से लेकर 3.25 तक किया जाए. उनका तर्क है कि महंगाई और शहर में रहने का खर्च अब बहुत ज्यादा बढ़ गया है, इसलिए सैलरी बढ़ाने वाला यह मल्टीप्लायर भी ज्यादा होना चाहिए.

18,000 से सीधे 58,500 रुपये हो सकती है सैलरी

अभी के नियमों यानी 7वें वेतन आयोग के मुताबिक, सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये तय है. लेकिन 8वें वेतन आयोग के तहत अगर फिटमेंट फैक्टर 3.25 लागू होता है, तो यह बेसिक सैलरी सीधे बढ़कर 58,500 रुपये तक पहुंच सकती है. फिटमेंट फैक्टर वह फॉर्मूला होता है जिसके आधार पर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और अलाउंस का कैलकुलेशन होता है. इस बड़े बदलाव का मतलब यह होगा कि कर्मचारियों के हाथ में आने वाली कुल सैलरी पहले के मुकाबले काफी ज्यादा बढ़ जाएगी.

25 फरवरी को होने वाली है अहम मीटिंग

8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया को रफ्तार देने के लिए 25 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में एक बहुत जरूरी मीटिंग बुलाई गई है. इस मीटिंग में कर्मचारी संगठनों की कमेटी अपनी मांगों का एक पूरा ड्राफ्ट तैयार करेगी. यह चर्चा करीब एक हफ्ते तक चलने की उम्मीद है, जिसमें सैलरी के अलावा भत्तों और पेंशन पर भी बात होगी. 

सैलरी के साथ पेंशनर्स को भी होगा फायदा

8वें वेतन आयोग का फायदा सिर्फ काम कर रहे कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि लाखों पेंशनर्स को भी मिलेगा. जब फिटमेंट फैक्टर बढ़ता है, तो उसी रेशियो में पेंशन की रकम को भी दोबारा तय किया जाता है. इससे बुजुर्ग पेंशनर्स को महंगाई के दौर में अपना खर्च चलाने में काफी मदद मिलेगी. कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार इस बार सैलरी और पेंशन के स्ट्रक्चर को पहले से ज्यादा आसान और साफ-सुथरा बनाएगी.

DA और अन्य भत्तों पर भी रहेगी नजर

सैलरी के अलावा हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और महंगाई भत्ते (DA) में भी बदलाव की उम्मीद है. मौजूदा नियमों के हिसाब से मार्च 2026 में डीए के बढ़कर करीब 63% होने की संभावना है. हालांकि, जब तक 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें पूरी तरह लागू नहीं हो जातीं, तब तक पुराने नियमों के हिसाब से ही डीए मिलता रहेगा. 

आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, जिसके बाद सरकार बजट और देश की आर्थिक स्थिति को देखकर आखिरी फैसला लेगी. 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर कितना होगा यह तय करेगा कि सैलरी और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी.ऐसे में कर्मचारियों को आयोग की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करना होगा.
 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com