8th Pay Commission: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आने वाला महीना बेहद अहम होने है. 8वें वेतन आयोग के गठन की मांग को लेकर कर्मचारी संगठनों ने अब कमर कस ली है. खबर है कि कर्मचारी संघों का एक प्रमुख मंच एनसी-जेसीएम 25 फरवरी के दिन एक बड़ी बैठक करने जा रहा है, जिसमें ज्ञापन का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया और तौर-तरीकों पर चर्चा की जाएगी.
फरवरी की बैठक में क्या होगा खास?
सूत्रों के मुताबिक, कर्मचारी मंच इस बैठक में सरकार पर दबाव बनाने के लिए बड़े फैसले ले सकता है. इस बैठक का मुख्य एजेंडा न केवल 8वें वेतन आयोग का जल्द गठन है, बल्कि 3.0 के फिटमेंट फैक्टर की मांग को पुरजोर तरीके से उठाना भी है. कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि बढ़ती महंगाई और पिछले सालों में बढ़े काम के बोझ को देखते हुए अब नया वेतन आयोग लागू करने का सही समय आ गया है.
3.0 फिटमेंट फैक्टर
कर्मचारी यूनियनों की सबसे बड़ी मांग 3.0 के फिटमेंट फैक्टर को लेकर है. अगर सरकार इसे मान लेती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में जबरदस्त उछाल आएगा. फिलहाल फिटमेंट फैक्टर 2.57 है. अगर यह मांग पूरी होती है, तो मिनिमम सैलरी में सीधी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी, जिससे निचले स्तर से लेकर अधिकारी वर्ग तक के वेतन में भारी इजाफा होगा.
क्यों हो रही है 8वें वेतन आयोग की मांग?
नियमों के मुताबिक, केंद्र सरकार हर 10 साल में एक नया वेतन आयोग गठित करती है. 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था, जिसके हिसाब से 8वां वेतन आयोग 2026 में लागू हो जाना चाहिए. हालांकि, आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने में समय लगता है, इसलिए कर्मचारी चाहते हैं कि सरकार फरवरी में ही इसके गठन का ऐलान कर दे.
सरकार का क्या है रुख?
फिलहाल सरकार ने 8वें वेतन आयोग को लेकर कोई आधिकारिक समय सीमा साझा नहीं की है, लेकिन बजट सत्र और कर्मचारियों के बढ़ते दबाव के बीच फरवरी की यह बैठक 8वें वेतन आयोग के लिए अहम मानी जा रही है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं