घर के लिए ग्रॉसरी आइटम्स लाने हों या फिर कुछ खाने को लाना हो, हम और आप गर्मियों में घर से निकलना नहीं चाहते. ऐसे में हम ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं और मिनटों में सामान हाजिर. बहुतों का ध्यान डिलीवरी ब्वॉय की तरफ नहीं जाता है कि इतनी भीषण गर्मी और धूप को झेलते हुए आप तक पहुंचे हैं. कई बार पानी पूछते हैं और कई बार थोड़ा सुस्ताने को कहते हैं. लेकिन उन्हें तो फिर काम पर निकलना होता है. इन्हीं गिग वर्कर्स के लिए सरकार से सुरक्षा नियमों की मांग की गई है. नियम ऐसे कि हर 2 घंटे के काम के बाद 20 मिनट आराम करने को मिले और इसके पैसे न काटे जाए. और भी कुछ मांगों के साथ सरकार को पत्र लिखा गया है.
जिस तरह गर्मी बढ़ रही है, सड़कों पर काम करने वाले ऐसे लाखों गिग वर्कर्स का स्वास्थ्य खतरे में है. स्विगी, जोमैटो, जेप्टो, ब्लिंकइट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए सरकार से हस्तक्षेप करते हुए पेड कूलिंग ब्रेक और इमरजेंसी सपोर्ट जैसे प्रावधान लागू करने की मांग की गई है. गिग वर्कर्स के एसोसिएशन-IFAT यानी इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-आधारित ट्रांसपोर्ट वर्कर्स ने केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय को पत्र लिखा है और 'कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020' के तहत कड़े सुरक्षा नियम लागू करने की मांग की है.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?

IFAT के प्रमुख प्रस्ताव
- पेड कूलिंग ब्रेक: जब भी IMD ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी करे, तो एग्रीगेटर्स हर 2 घंटे के काम पर कम से कम 20 मिनट का 'पेड कूलिंग ब्रेक' प्रदान करें.
- पेनल्टी से सुरक्षा: गर्मी के कारण काम रोकने या देरी होने पर वर्कर्स की रेटिंग कम न की जाए और न ही उनके 'ID ब्लॉक' किए जाएं.
- अनिवार्य सुविधाएं: ऐप कंपनियों को पीने के पानी, ORS और कूलिंग सेंटरों (विश्राम स्थलों) का इन-ऐप मैप देना चाहिए.
- इमरजेंसी सपोर्ट: ऐप में 'हीट डिस्ट्रेस' बटन होना चाहिए, जो संकट के समय वर्कर को तुरंत एम्बुलेंस या अस्पताल से जोड़ सके.
सख्त कानूनों की जरूरत
IFAT के राष्ट्रीय महासचिव शेख सलाउद्दीन ने मंत्रालय से आग्रह किया है कि वर्तमान में मौजूद केवल 'सलाहकारी' दिशा-निर्देशों (NDMA Advisory) को वैधानिक रूप से अनिवार्य मानकों में बदला जाए. संगठन का कहना है कि डिलीवरी और राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म्स के एल्गोरिदम के दबाव में वर्कर्स भीषण लू में भी काम करने को मजबूर हैं.

दूसरे देशों में हैं ऐसे प्रावधान
प्रस्ताव में बताया गया है कि दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों ने पहले ही ऐसे कड़े नियम लागू किए हैं, जहां उल्लंघन पर भारी जुर्माने और जेल तक का प्रावधान है. उदाहरण के लिए, दक्षिण कोरिया में 33 डिग्री सेल्सियस तापमान होने पर हर घंटे ब्रेक देना अनिवार्य है.
IFAT का मानना है कि 'हीट प्रोटेक्शन' कोई विशेषाधिकार नहीं, बल्कि एक श्रम अधिकार है और भारत को अपनी डिजिटल इकोनॉमी चलाने वाले इन वर्कर्स की गरिमा और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए अब कदम उठाना ही होगा.
ये भी पढ़ें: अप्रैल में ही टूटा जून का रिकॉर्ड, एक दिन में हमने फूंक दी 252 GW बिजली, मई में कैसे चलेगा आपके घर का AC?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं