सोमवार (26 जनवरी) की सुबह नेवालाल चौक स्थित फन सिटी पार्क के समीप गुलाबबाग निवासी युवा व्यवसायी सूरज बिहारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. तत्काल घायल सूरज को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. हत्या की वजह मामूली बताई जाती है. जानकारी अनुसार, सरस्वती पूजा के दिन एक इंस्टाग्राम रील बनाने से विवाद पैदा हुआ था जिसके समझौता के लिए सूरज बिहारी आये थे लेकिन पहले बहस और मारपीट हुई और उसके बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने गोली मारकर सूरज की हत्या कर दी.
मुख्य आरोपी का नाम ब्रजेश सिंह और नंदू सिंह है जो वसंत बिहार का निवासी बताया जाता है. गौरतलब है कि नेवालाल चौक -वसंत बिहार अपराधियों की शरणस्थली बन चुका है और आए दिन यहां आपराधिक घटनाएं घटित होती रहती है. बीते 10 जनवरी को इसी नेवालाल चौक से एक युवती का अपहरण कर उसके साथ गैंग-रेप को अंजाम दिया गया था. एसपी स्वीटी सहरावत कहती है कि सोशल मीडिया पर लड़की के फोटो को शेयर करने को लेकर हुए विवाद के बाद घटना हुई. एसआईटी का गठन कर अपराधियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है.
रील बनाने से उपजा था विवाद
घटना की शुरुआत सरस्वती पूजा के दिन से हुई. नेवालाल चौक निवासी सुबोध शर्मा का पुत्र सूरज शर्मा डिजिटल क्रिएटर है और अपना पूर्णिया नाम से पेज भी बना रखा है. सूरज शर्मा ने पूजा के मौके पर एक प्राइवेट स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में एक स्थानीय लड़की के साथ रील बनाया और उसे पेज पर पोस्ट कर दिया. यह बात उक्त लड़की के बॉयफ्रेंड नेवालाल चौक निवासी स्नेहिल झा को नागवार गुजरी. 26 जनवरी को सूरज शर्मा को पकड़कर स्नेहिल द्वारा पिटाई की गई और उसका वीडियो भी बनाया गया. इसके बाद विवाद बढ़ता चला गया.
दूसरे दिन भी दोनों पक्ष में हुई मारपीट
मंगलवार को मारपीट की घटना की शिकायत लेकर सूरज शर्मा के पिता सुबोध शर्मा स्नेहिल के घर पहुंचे .वहां फिर स्नेहिल के साथ सुबोध का झगड़ा और मारपीट हो गया और वे वापस लौट गए. कुछ देर बाद स्नेहिल हत्यारोपी ब्रजेश सिंह और नंदू सिंह के साथ पहुंचकर शर्मा परिवार के साथ मारपीट किया. तब तक सूरज शर्मा के घर सूरज बिहारी का छोटा भाई उदय बिहारी भी आ गया जो सूरज का दोस्त था. उनलोगों ने उदय बिहारी की भी पिटाई किया. जिसके बाद उदय ने अपने भाई को सूरज बिहारी को फ़ोन कर बुलाया.
समझौता के लिए पहुंचा था सूरज बिहारी
भाई के फ़ोन पर सूरज घटनाथल पर पहुंचा. वहां समझौता के लिए स्नेहिल को बुलाया गया. स्नेहिल के साथ ब्रजेश और नंदू सिंह समेत और 7-8 लोग पहुंचा. बातचीत के क्रम में विवाद होने लगा तो ब्रजेश और नंदू ने सूरज को गोली मार दिया. सूरज के पास भी लाइसेंसी हथियार था लेकिन, गाड़ी में रहने की वजह से उसका प्रयोग आत्मरक्षा के लिए नही कर सका. अपराधियों ने सूरज के निजी सुरक्षा गार्ड पर भी गोली चलाई जिसमे वह बाल -बाल बचा और गोली गाड़ी में लगी. गौरतलब है कि सूरज बिहारी खुद भी ब्लॉगर थे. वहीं ब्रजेश सिंह और नंदू सिंह का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है .
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