बिहार के गवर्नर सैयद अता हसनैन ने राज्य के विश्वविद्यालयों के लिए निर्देश जारी किए हैं. कुलपतियों को एक समान एकेडमिक कैलेंडर का पालन करने का आदेश दिया है. गवर्नर के अतिरिक्त मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने ऑर्डर में बताया कि इस निर्देश का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करना है. राज्य भर के विश्वविद्यालयों में एकेडमिक गतिविधियों में एकरूपता और अनुशासन लाना है.
"एक जैसे कैलेंडर लागू हो"
अगले एकेडमिक सत्र से अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम के एग्जाम रिजल्ट भी समय पर जारी करने के निर्देश हैं. पत्र में कहा गया है, "निर्धारित एकेडमिक कैलेंडर का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए. ताकि शिक्षण, रिजल्ट, मूल्यांकन और रिजल्ट जारी करने का काम तरीके से पूरी किया जाए. सभी विश्वविद्यालयों को आने वाले एकेडमिक सत्रों में कैलेंडर का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है"
'मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम' होगा आसान
आदेश के पीछे उद्देश्य बताया गाय है कि इससे विश्वविद्यालयों के बीच एकरूपता बनी रहेगी. उनका एकेडमिक समन्वय केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ मेल खा सके. यह व्यवस्था नई शिक्षा नीति के तहत 'मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम' को आसान बनाएगी. इससे छात्रों को अधिक लचीलापन, एकेडमिक गतिशीलता और बेहतर अवसर प्राप्त होंगे.
यूनिवर्सिटी को चेतावनी भी जारी
विश्वविद्यालयों द्वारा कॉलेजों को संबद्धता (affiliation) प्रदान करने के लिए निर्धारित समय-सीमा का सख्ती से पालन करने करने के लिए कहा गया है. इसकी डेडलाइन 15 सितंबर तक रहेगी. चेतावनी दी गई है कि ऐसा नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय स्तर पर तय की जाएगी, जिसकी रिपोर्ट चांसलर के कार्यालय को भेजी जाएगी.
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