बिहार में सिपाही भर्ती के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित होने वाली लिखित प्रतियोगिता परीक्षा से पहले इंटेलिजेंस कि रिपोर्ट के आधार पर समस्तीपुर जिला डीआईयू की टीम ने भारी मात्रा में इलेक्ट्रिक उपकरण के सॉल्वर गैंग के चार शातिरों को गिरफ्तार किया है.
परीक्षा से एक रात पहले एक्शन में आई पुलिस
मामले को लेकर सदर एसडीओ सह एएसपी संजय कुमार पांडेय ने बताया कि 14 जून को केंद्रीय चयन सिपाही भर्ती बोर्ड के जरिए आयोजित मद्य निषेध सिपाही, मंडल कारा में कक्षपाल और परिवहन विभाग में चालान दस्ता सिपाही के पदों पर परीक्षा आयोजित की गई थी. इस परीक्षा से ठीक एक दिन पहले, यानी 13 जून को बेगूसराय पुलिस के जरिए समस्तीपुर जिला डीआईयू की टीम को सूचना मिली थी की परीक्षा में सेंध लगाने की कोशिश की जा रही है. सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसपी के निर्देश पर सदर एसडीपीओ-1 के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया और 13 जून की रात में लगातार छापेमारी की गई.र सिंडिकेट के चार सक्रिय सदस्यों को रंगे हाथों दबोच लिया.
बेगूसराय और समस्तीपुर के हैं गिरफ्तार शातिर
पुलिस की गिरफ्त में आए चारों आरोपियों की पहचान कर ली गई है. इनमें बेगूसराय जिले के गढ़पुरा (कुम्हारसो) का रहने वाला अमित कुमार (25 वर्ष), बिथान थाना क्षेत्र के मलिकाही का दीपक कुमार (36 वर्ष), खानपुर थाना क्षेत्र के मनवारा का पंकज कुमार सहनी (34 वर्ष) और बेगूसराय के गढ़पुरा का ही रहने वाला नितीश कुमार शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड और दस्तावेजी कागजात भी जब्त किए.
मास्क से लेकर 'स्किन बॉक्स' तक बरामद हुए आधुनिक गैजेट्स
पकड़े गए आरोपियों के पास से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को देखकर पुलिस भी हैरान रह गई. इस गिरोह ने नकल कराने के लिए पूरी तरह डिजिटल और अंडरकवर सिस्टम तैयार किया था. इनके पास से बरामद सामानों में एंड्रॉयड मोबाइल (4), अन्य दस्तावेजी कागजात, कीपैड मोबाइल (3), टू साइडेड जीएसएम स्किन बॉक्स चार पीस, वाई-फाई एक्सपीस(3), सिल्वर ऑक्साइड 1.55 वोल्ट बैटरी (9) पीस, स्क्रू ड्राइवर (2)पीस, टेस्टर (1) पीस, चाकू (1) पीस, 1 वॉकी-टॉकी (3 चार्जर के साथ), कार्ड फोन पांच पीस, चार्जर केबल दो पीस काला टेप लगा हुआ, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एक पीस, मास्क में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छिपा हुआ एक पीस, सिम ऑपरेट करने वाला इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस 6 पीस बरामद किया गया.
तीन से चार लाख में होती थी डील
पुलिस की कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले राज उगले हैं.गिरोह के सदस्यों ने स्वीकार किया कि हर परीक्षार्थी से परीक्षा पास कराने के एवज में 3 से 4 लाख रुपये की डील की गई थी. आरोपियों की योजना थी कि परीक्षा शुरू होते ही केंद्रों के बाहर बैठे सॉल्वर गैंग के सदस्य 400 मीटर की रेंज वाले ब्लूटूथ और वॉकिटॉकी के जरिए सीधे अंदर मौजूद अभ्यर्थियों को सही उत्तर नोट करवा देंगे.
कैमरा मैन के जरिये पेपर लीक की थी तैयारी
एएसपी संजय कुमार पांडेय ने गिरोह के सबसे खतरनाक प्लान का खुलासा करते हुए बताया कि इस सॉल्वर गैंग ने परीक्षा केंद्रों पर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करने वाले कैमरामैन को अपने साथ मिलाने की योजना बनाई थी. योजना के मुताबिक, कैमरामैन प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर चुपके से बाहर भेजता, जहां सॉल्वर गैंग के एक्सपर्ट तुरंत उत्तर तैयार करते और फिर अंदर बैठे परीक्षार्थियों को डिवाइस से आंसर बता दिए जाते.
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