उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी ने जदयू पर भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया है.
पटना:
2019 चुनाव से पहले बिहार में सीट बंटवारे को लेकर NDA के दो सहयोगी दलों में मतभेद पैदा हो गया है. केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) ने सत्तारूढ़ गठबंधन में सीटों के बंटवारे पर ‘‘भ्रम’’ पैदा करने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जद यू को जिम्मेदार ठहराया है. दिल्ली में कुमार और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बीच हाल में बैठक के बाद मीडिया में आई खबरों के परिप्रेक्ष्य में रालोसपा ने जद यू पर प्रहार किया. जदयू के सूत्रों के हवाले से कहा गया कि सीट बंटवारे की वार्ता ‘‘अंतिम चरण’’ में है और तात्कालिक फॉर्मूले के तहत उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी को बिहार में 40 लोकसभा सीटों में से दो से अधिक सीटें मिलने की संभावना नहीं है. बिहार में एनडीए के सहयोगी दलों में जदयू, भाजपा, रालोसपा और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पार्टी लोजपा शामिल है.
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जदयू के नेताओं जैसे नीतीश कुमार के विश्वस्त एवं पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह ने दावा किया है कि सीट बंटवारे पर वार्ता अंतिम चरण में है. इस पर रालोसपा के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता माधव आनंद ने कहा, ‘‘नीतीश कुमार जब पिछले वर्ष भाजपा नीत गठबंधन में लौटे तब से भ्रम पैदा हुआ. उनकी पार्टी गठबंधन में खुद को बड़ा भाई होने और मुख्यमंत्री के लोकसभा चुनावों में गठबंधन का चेहरा होने का दावा करती है’’. आनंद ने कहा, ‘‘पटना में जुलाई में शाह से मुलाकात के तुरंत बाद कुमार ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि चार से पांच हफ्ते में सीट बंटवारे की व्यवस्था हो जाएगी. उन्हें हमें बताना चाहिए कि उनके दावे का क्या हुआ जब दो महीने से अधिक समय व्यतीत हो गए हैं’’.
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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जदयू के नेताओं जैसे नीतीश कुमार के विश्वस्त एवं पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह ने दावा किया है कि सीट बंटवारे पर वार्ता अंतिम चरण में है. इस पर रालोसपा के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता माधव आनंद ने कहा, ‘‘नीतीश कुमार जब पिछले वर्ष भाजपा नीत गठबंधन में लौटे तब से भ्रम पैदा हुआ. उनकी पार्टी गठबंधन में खुद को बड़ा भाई होने और मुख्यमंत्री के लोकसभा चुनावों में गठबंधन का चेहरा होने का दावा करती है’’. आनंद ने कहा, ‘‘पटना में जुलाई में शाह से मुलाकात के तुरंत बाद कुमार ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि चार से पांच हफ्ते में सीट बंटवारे की व्यवस्था हो जाएगी. उन्हें हमें बताना चाहिए कि उनके दावे का क्या हुआ जब दो महीने से अधिक समय व्यतीत हो गए हैं’’.
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