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रितु जायसवाल ने थामा BJP का दामन, RJD और तेजस्वी के लिए क्यों बड़ा झटका है यह फैसला?

राजद छोड़ बीजेपी ज्वाईन करने के बाद रितु जायसवाल ने कहा एक नाम जो वर्षों से जुबान पर था, उसको बदलने में वक्त लगता है. कई पुराने वीडियो से मुझे ट्रॉल किया जाएगा, लेकिन मैं निडर हूं. उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष संजय सरागवी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री दिलीप जायसवाल का धन्यवाद किया.

रितु जायसवाल ने थामा BJP का दामन, RJD और तेजस्वी के लिए क्यों बड़ा झटका है यह फैसला?
RJD की तेजतर्रार नेत्री रितु जायसवाल ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है.
  • RJD महिला प्रकोष्ठ की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रितु जायसवाल ने भाजपा का थामन थाम लिया है.
  • आज पटना में रितु जायसवाल ने और कई समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ली.
  • उनका राजद छोड़ भाजपा में आना तेजस्वी यादव के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
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पटना:

Ritu Jaiswal Joins BJP: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) महिला प्रकोष्ठ की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रितु जायसवाल ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है. बीजेपी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने रितु जायसवाल को बीजेपी की सदस्यता दिलाई. बिहार की राजनीति में रितु जायसवाल एक चर्चित चेहरा रही हैं. राजद में उन्होंने लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई. पार्टी ने उन्हें महिला प्रकोष्ठ का प्रदेश अध्यक्ष बनाया था. साल 2021 से 2023 तक वह राजद की राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रहीं. 

लोकसभा चुनाव में लवली आनंद को दी थी कड़ी टक्कर

2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें परिहार सीट से उम्मीदवार बनाया था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा. 2024 के लोकसभा चुनाव में राजद ने रितु जायसवाल को शिवहर सीट से मैदान में उतारा था. चुनाव में उन्हें करीब 4.47 लाख वोट मिले थे, लेकिन वह लगभग 29 हजार वोटों से लवली आनंद से हार गई थीं.

परिहार से टिकट कटने के बाद बागी हुईं थी रितु

लेकिन पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव में राजद ने सीतामढ़ी की परिहार सीट से उनका टिकट काट दिया था. जिसके बाद रितु जायसवाल पार्टी से नाराज चल रही थी. राजद ने परिहार से पूर्व मंत्री रामचंद्र पूर्वे की बहू को उम्मीदवार बनाया. इसके बाद रितु जायसवाल निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरी थी. उन्होंने करीब 64 हजार वोट हासिल किए, जिसे राजद उम्मीदवार की हार का बड़ा कारण माना गया. बाद में पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया.

बीजेपी ज्वाईन कर रितु बोलीं- लोग मुझे ट्रोल करेंगे, लेकिन मैं निडर हूं...

राजद से दूरी के बीच उन्होंने नई पार्टी बनाने तक की बात कही थी. लेकिन अब रितु ने बीजेपी का दामन थाम लिया है. राजद छोड़ बीजेपी ज्वाईन करने के बाद रितु जायसवाल ने कहा, 'एक नाम जो वर्षों से जुबान पर था, उसको बदलने में वक्त लगता है. कई पुराने वीडियो से मुझे ट्रोल किया जाएगा, लेकिन मैं निडर हूं.' उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष संजय सरागवी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री दिलीप जायसवाल का धन्यवाद किया.

राजद छोड़ भाजपा ज्वाईन करते समय रितु जायसवाल.

राजद छोड़ भाजपा ज्वाईन करते समय रितु जायसवाल.

बीजेपी क्यों ज्वाईन किया? रितु जायसवाल ने बताया कारण

रितु ने आगे कहा कि जब मुझे निर्दलीय चुनाव लड़ने का मौका मिला. लोगों ने कहा बागी है. बागी परिहार की जनता हो चुकी थी. उन्हें रितु जायसवाल ही चाहिए था. मुझे 65 हजार मिले. लोग कहेंगे अपने क्यों ज्वाईन किया. रितु जायसवाल ने कहा जो पार्टी पहले राष्ट्र को आगे रखे, वो ठीक है. इसलिए मैंने बीजेपी ज्वाईन किया है. 

रितु जायसवाल ने पीएम मोदी की तारीफ की

रितु जायसवाल ने पीएम मोदी की तारीफ की है, उन्होंने बहुत काम किया है. उन्होंने आयुष्मान योजना की तारीफ की. रितु जायसवाल के बीजेपी के शामिल होने के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा रितु जायसवाल ने आज बीजेपी ज्वाईन किया है. उनके साथ जितने भी लोगों ने आज बीजेपी ज्वाईन किया है, मैं उनका पार्टी में स्वागत करता हूं. 

दरवाजा खोल दिया तो राजद की चौखट पर कोई नहीं बचेगा...

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि बीजेपी केवल एक राजनीतिक दल नहीं है. रितु जायसवाल ने सामाजिक कार्यों से लेकर, लोकसभा, विधानसभा चुनाव भी लड़ा है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अभी राजद के अधिकतर नेताओं के लिए भाजपा का दरवाजा बंद है, जिस दिन खुल जाएगा, उस दिन राजद की चौखट पर कोई नेता नहीं रहेगा.

रितु जायसवाल का राजद छोड़ना तेजस्वी के लिए बड़ा झटका

रितु जायसवाल का राजद छोड़ना तेजस्वी यादव के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. राजद की महिला नेताओं में रितु की गिनती टॉप में होती थी. बहुत कम समय में उन्होंने बड़ा नाम और कद हासिल किया था. एक पंचायत की सूरत बदलने के बाद उन्होंने बड़ी तेजी से राजनीति में नाम कमाया. अब रितु के रूप में बीजेपी को एक तेजतर्रार महिला नेता मिल गया है.   

रितु जायसवाल की राजनीति

  • सीतामढ़ी जिले के सिंहवाहिनी पंचायत से राजनीति की शुरुआत.
  • मुखिया के रूप में पंयायत में कई उल्लेखनीय काम किए.
  • बहुत कम समय में बिहार की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई.
  • साल 2016 में वह मुखिया चुनी गईं और पंचायत स्तर पर किए गए काम के कारण चर्चाओं में आईं. 
  • 2017 में एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट द्वारा ‘आदर्श युवा सरपंच सम्मान' दिया गया.
  • 2018 में उपराष्ट्रपति के हाथों ‘चैंपियंस ऑफ चेंज' पुरस्कार भी मिला.
  • 2019 में उनकी पंचायत को दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण सम्मान से नवाजा गया.
  • इसके बाद वो राजद में आईं, 2020 में परिहार से चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं मिली.
  • 2024 में शिवहर से लोकसभा का चुनाव लड़ा, लवली आनंद को कड़ी टक्कर दी.
  • 2025 में परिहार से टिकट कटा तो निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरीं.
  • जिसके बाद राजद से दूरी बढ़ती गई, और अब भाजपा में शामिल हुईं.

यह भी पढ़ें - अपने पास न हो तो... RJD की रितु जायसवाल के बगावती तेवर; पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय लड़ेंगी चुनाव

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