पटना पुलिस (Patna Police) ने इंडिगो के स्टेशन मैनेजर रूपेश कुमार (Rupesh Kumar) की हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है. इस मामले में पटना पुलिस ने एक व्यक्ति ऋतुराज को गिरफ़्तार भी किया है. बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक उपेन्द्र शर्मा ने कहा कि पूरे मामले में 23 दिन की जांच के उपरांत जो भी मोबाइल और अन्य साक्ष्य मिले उससे ऋतुराज पर शक हुआ और उसकी गिरफ़्तारी पटना के रामकृष्ण नगर से हुई. इस संवाददाता सम्मेलन में आरोपी ऋतुराज ने स्वीकार किया कि उसने गुस्से में इस हत्याकांड को अंजाम दिया क्योंकि इस हत्याकांड के दो महीने पूर्व उसकी बाइक रूपेश की गाड़ी से टकराई थी. उस दौरान काफी नोकझोंक भी हुई थी.
हालांकि इस हत्याकांड में जो तीन और लोग थे उनके बारे में उपेन्द्र शर्मा का कहना है कि फिलहाल उनके नामों का पता तो चल गया है लेकिन चूंकि वे सब शहर छोड़कर बाहर चले गए हैं इसलिए पुलिस की गिरफ़्त से बाहर हैं. हालांकि ऋतुराज के हत्या को अंजाम देने के बाद उस रात तो उन्होंने अपने घर में गुजारी लेकिन उसके बाद वे रांची और देवघर चले गए. पुलिस के अनुसार अभी तक ऋतुराज, जो बाइक चोरी का काम करता था, के बारे में कोई आपराधिक मामला किसी थाने में दर्ज नहीं है. वह राजस्थान के एक निजी विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट है और उसने दिल्ली में कॉल सेंटर में कुछ महीने काम भी किया है.
लेकिन कई लोग जिसमें रूपेश के परिवार वाले शामिल हैं, वे पुलिस के इस रोडरेज के कारण पर सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि भले आरोपी ने स्वीकार कर लिया है लेकिन मात्र रोडरेज हत्या को अंजाम देने का कारण, इसे पचा पाना मुश्किल है. फिलहाल देखना है कि अब बाकी के आरोपियों को पुलिस कब तक गिरफ़्तार करती है.
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