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Patna Metro Expansion: जल्द होगा पटना मेट्रो का विस्तार, जून में चालू हो जाएंगे 2 और मेट्रो स्टेशन, देखें पूरा रूट

Patna Metro: ​पटना मेट्रो के 'प्रायोरिटी कॉरिडोर' (Priority Corridor) के तहत वर्तमान में न्यू आईएसबीटी (पाटलिपुत्र बस टर्मिनल) से भूतनाथ के बीच ट्रेनें चल रही हैं. इस रूट का अगला विस्तार तुरंत होने जा रहा है.

Patna Metro Expansion: जल्द होगा पटना मेट्रो का विस्तार, जून में चालू हो जाएंगे 2 और मेट्रो स्टेशन, देखें पूरा रूट
पटना मेट्रो से जुड़ी बड़ी खबर.
  • पटना मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर में न्यू आईएसबीटी से भूतनाथ तक आंशिक सेवा पहले ही शुरू हो चुकी है
  • मलाही पकड़ी स्टेशन का CMRS निरीक्षण पूरा हो चुका है और जून में इसे यात्रियों के लिए खोलने की संभावना है
  • प्रथम चरण में दो कॉरिडोर शामिल हैं, जिनका कुल नेटवर्क 31 किलोमीटर लंबा होगा
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पटना:

​पटना शहर को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को आधुनिक बनाने के लिए पटना मेट्रो रेल परियोजना (Phase-1) पर काम बेहद तेज गति से चल रहा है न्यू आईएसबीटी से भूतनाथ के बीच पहले से संचालित आंशिक सेवा के बाद अब इसके अगले विस्तार और नए कॉरिडोर को लेकर प्रशासनिक और जमीनी स्तर पर बड़ी तैयारी है.

इसके तहत पटना मेट्रो का मलाही पकड़ी स्टेशन, यह महत्वपूर्ण स्टेशन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव देने के लिए तैयार है. विशाल कॉनकोर्स, उन्नत सुरक्षा प्रणाली, स्मार्ट एएफसी गेट, स्पर्शनीय पथ हर यात्री के लिए आसान एवं आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करेंगी. जिसका CMRS पूर्ण हो चुका है , उम्मीद है कि जून महीने में मेट्रो की सुविधा इन स्टेशनों पर शुरू हो जाएगी.

​वर्तमान स्थिति और तत्काल होने वाला विस्तार

​पटना मेट्रो के 'प्रायोरिटी कॉरिडोर' (Priority Corridor) के तहत वर्तमान में न्यू आईएसबीटी (पाटलिपुत्र बस टर्मिनल) से भूतनाथ के बीच ट्रेनें चल रही हैं. इस रूट का अगला विस्तार तुरंत होने जा रहा है.

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​मलाही पकड़ी स्टेशन की शुरुआत:

भूतनाथ से मलाही पकड़ी के बीच करीब 2.9 किलोमीटर के खंड पर ट्रायल रन और मुख्य मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CMRS) का निरीक्षण पूरा हो चुका है. अंतिम सुरक्षा मंजूरी मिलते ही मलाही पकड़ी स्टेशन को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा.

​कनेक्टिविटी: इसके चालू होते ही कंकड़बाग और बाईपास रोड का व्यस्त इलाका सीधे न्यू आईएसबीटी से जुड़ जाएगा, जिससे दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी.

खेमनीचक इंटरचेंज: अगले 6 महीनों के भीतर खेमनीचक स्टेशन का काम भी पूरा होने की उम्मीद है, जो रेड और ब्लू दोनों लाइनों के लिए एक प्रमुख इंटरचेंज स्टेशन के रूप में काम करेगा.

​प्रथम चरण (Phase-1) का पूरा खाका और डेडलाइन

​पटना मेट्रो का पहला चरण कुल 31 किलोमीटर लंबा है, जिसमें दो मुख्य कॉरिडोर शामिल हैं. इस पूरे नेटवर्क को दिसंबर 2027 तक पूरी तरह संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है.

​कॉरिडोर-1: रेड लाइन (दानापुर कैंट से खेमनीचक)

​लंबाई: 16.86 किलोमीटर (एलिवेटेड: 9.36 किमी, भूमिगत: 7.5 किमी)
​कुल स्टेशन: 14 स्टेशन
​रूट: दानापुर छावनी, सगुना मोड़, आरपीएस मोड़, पाटलिपुत्र, रुकनपुरा (भूमिगत), राजा बाजार (भूमिगत), पटना जू (भूमिगत), विकास भवन, विद्युत भवन, पटना जंक्शन, मीठापुर, रामकृष्ण नगर, जगनपुरा और खेमनीचक.

कॉरिडोर-2: ब्लू लाइन (पटना जंक्शन से न्यू आईएसबीटी)

​लंबाई: 14.45 किलोमीटर (भूमिगत खंड का हिस्सा अधिक है)
​कुल स्टेशन: 12 स्टेशन
​रूट: पटना जंक्शन, आकाशवाणी, गांधी मैदान, पीएमसीएच, पटना यूनिवर्सिटी, मोइन-उल-हक स्टेडियम, मलाही पकड़ी, खेमनीचक, भूतनाथ, जीरो माइल और न्यू आईएसबीटी।
​समय-सीमा: इस रूट पर अंडरग्राउंड टनलिंग (Surge of TBM Work) का काम तेजी से चल रहा है, जिसे साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद ट्रैक्स और सिग्नलिंग का काम शुरू होगा.

भविष्य का विस्तार: नए फेज और रूट (Future Expansion)

​पटना मेट्रो के केवल शहर तक सीमित रहने की योजना नहीं है. बिहार सरकार ने भविष्य के विस्तार के लिए रूट सर्वे और डीपीआर (DPR) पर काम शुरू कर दिया है. आने वाले समय में निम्नलिखित नए रूटों पर विस्तार की योजना है:

फेज-2 (बायपास चौक से दीदारगंज): मीठापुर बाईपास चौक से शुरू होकर ट्रांसपोर्ट नगर होते हुए दीदारगंज तक जाएगा. यह करीब 16.75 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा जो बाईपास के समानांतर चलेगा.

​फेज-3 (मीठापुर से एम्स पटना):

 यह रूट बाईपास चौक मीठापुर से अनीशाबाद और फुलवारीशरीफ होते हुए सीधे एम्स (AIIMS) पटना को जोड़ेगा। इस रूट के बनने से मेडिकल कनेक्टिविटी मजबूत होगी.

फेज-4 (दीदारगंज से फतुहा):

 औद्योगिक क्षेत्र और पटना के बाहरी इलाके को जोड़ने के लिए मेट्रो को दीदारगंज से आगे फतुहा जंक्शन तक विस्तारित करने का प्रस्ताव है.

​बिहार सरकार ने पटना के अलावा राज्य के चार अन्य प्रमुख शहरों-गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर में भी मेट्रो की संभावनाओं को तलाशने के लिए संभाव्यता रिपोर्ट (Feasibility Study) तैयार करने की मंजूरी दी है, जिसके लिए प्रशासनिक फंड जारी किया जा चुका है.

कब तक पूरा होगा आगे का विस्तार?

'​शहरी नेटवर्क (Phase-1): अलग-अलग खंडों में खुलते हुए साल 2027 के अंत तक दानापुर से लेकर पटना जंक्शन और आईएसबीटी का पूरा नेटवर्क चालू करने का टारगेट है.

आगामी फेज (Phase 2 & 3):

वर्तमान फेज के सिविल वर्क पूरे होने और केंद्र सरकार से अंतिम वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद ही अगले चरणों का जमीनी निर्माण शुरू होगा, जिसमें अनुमानित तौर पर 2029-2030 तक का समय लग सकता है.

पटना मेट्रो परियोजना की प्रशासनिक देखरेख और विभाग का रुख

​पटना मेट्रो रेल परियोजना की निगरानी नगर विकास एवं आवास विभाग (UDHD), बिहार सरकार और पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (PMRC) द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है. हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार के बाद नए नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा और विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार (IAS) सीधे तौर पर इस पूरी परियोजना की समीक्षा और प्रशासनिक नियंत्रण कर रहे हैं.

विभाग कैसे कर रहा है देखरेख

​विभाग ने मेट्रो के काम को गति देने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बहुस्तरीय (Multi-level) निगरानी तंत्र तैयार किया है:

​साप्ताहिक और पाक्षिक समीक्षा:

 विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार खुद तकनीकी टीम और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC—जो इस प्रोजेक्ट की कंसलटेंट है) के साथ नियमित बैठकें कर रहे हैं. इसमें टनल बोरिंग मशीन (TBM) की दैनिक प्रगति और एलिवेटेड रूट के पिलर निर्माण की ट्रैकिंग की जाती है.

​अड़चनों को दूर करने के लिए सिंगल-विंडो समन्वय: 

मेट्रो निर्माण में आने वाली सबसे बड़ी बाधा जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) और ट्रैफिक डायवर्जन की होती है. इसके लिए नगर विकास विभाग, जिला प्रशासन (पटना कलेक्ट्रेट) और यातायात पुलिस के साथ मिलकर समन्वय बिठा रहा है, ताकि निर्माण स्थल पर काम न रुके.

​अंडरग्राउंड टनलिंग पर विशेष नजर:

 पटना के घने बसे इलाकों (जैसे गांधी मैदान, पीएमसीएच और पटना जंक्शन) के नीचे टनल बनाने के काम में सुरक्षा मानकों की देखरेख के लिए विभाग ने विशेष सुरक्षा ऑडिट टीमें तैनात की हैं.

इस पर विभाग और सरकार का क्या कहना है

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा की अगुवाई में विभाग ने मेट्रो को लेकर अपनी प्राथमिकताएं बिल्कुल स्पष्ट कर दी हैं. 

​लागत और देरी पर चिंता, जल्द निपटारे के निर्देश: हाल ही में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में विभाग ने माना कि कुछ तकनीकी और लॉजिस्टिक कारणों से परियोजना की लागत में आंशिक बढ़ोतरी और समय में देरी  हुई है.

 मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी "बॉटलनेक" (तकनीकी बाधाओं) को तुरंत दूर किया जाए.

​डेडलाइन के भीतर काम पूरा करने का संकल्प: विभाग का कहना है कि लोगों को दैनिक जाम से जल्द से जल्द राहत दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. अधिकारियों को स्पष्ट कह दिया गया है कि निर्धारित टाइमलाइन (जैसे दिसंबर 2027 तक फेज-1 को पूरी तरह चालू करना) के भीतर ही सिविल और सिग्नलिंग का काम पूरा हो जाना चाहिए.

​मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी पर जोर:

 विभाग का मुख्य विजन यह है कि पटना मेट्रो केवल एक स्वतंत्र परिवहन माध्यम न रहे. सरकार का कहना है कि मेट्रो स्टेशनों को सीधे तौर पर पटना जंक्शन, राजेंद्र नगर टर्मिनल, न्यू आईएसबीटी (बस टर्मिनल) और पटना एयरपोर्ट से इंटीग्रेटेड (जोड़ा) किया जाएगा. इसके लिए एयरपोर्ट से मेट्रो नेटवर्क को जोड़ने हेतु पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (PRT) सिस्टम के प्रस्ताव पर भी विभाग गंभीरता से विचार कर रहा है.

विभाग की भविष्य की योजना

 सुनियोजित शहरीकरण: ​नगर विकास विभाग का मानना है कि मेट्रो का विस्तार केवल परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पटना के विस्तार की धुरी बनेगा.

विभाग मेट्रो रूट के समानांतर 11 नई सैटेलाइट टाउनशिप (Satellite Townships) विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है, जिससे पटना मुख्य शहर पर आबादी का दबाव कम किया जा सके.

​इसके साथ ही, मॉनसून के दौरान मेट्रो निर्माण क्षेत्र के कारण होने वाले जलजमाव को रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने और सभी खुले गड्ढों व मैनहोल्स को तुरंत बैरिकेड करने का सख्त निर्देश नगर निकायों को दिया गया है. ये जानकारी पटना मेट्रो की तरफ़ से PRO अर्चना खुशी ने एनडीटीवी को दी हैं.

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