फाइल फोटो
पटना:
पटना में आयोजित 350वें प्रकाश पर्व के दौरान 5 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित अन्य गणमान्य हस्तियों के साथ मंच पर नहीं बिठाकर दरी पर बिठाए जाने को लेकर आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने रविवार को कहा कि उन्हें इसको लेकर कोई शिकायत नहीं है.
पटना में पत्रकारों द्वारा इस बाबत पूछे जाने पर लालू ने कहा, 'हमें किसी चीज की शिकायत नहीं है. पूजा-पाठ जमीन पर बैठकर करते हैं न की कुर्सी पर... और वह गुरु का दरबार था.' इसको लेकर अपनी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह की टिप्पणी से पलड़ा झाड़ते हुए लालू ने कहा कि इतने बढिया ढंग से प्रकाश पर्व मनाया गया. पूरे बिहार वासियों की सारी दुनिया में इतनी बढ़िया छवि बनी.
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी द्वारा इसके लिए बिहार सरकार को जिम्मेवार ठहराए जाने पर लालू ने उन पर प्रहार करते हुए कहा कि लोग हर बढ़िया काम में कोई न कोई खोट निकालते रहते हैं.
सिखों के 10वें गुरु गुरु गोविंद सिंह की 350वीं जयंती के अवसर पर 3 से 5 जनवरी तक आयोजित प्रकाश पर्व के लिए इंतजाम बिहार सरकार की ओर से किए गए थे. बिहार की मौजूदा महागठबंधन सरकार में आरजेडी और कांग्रेस साझेदार हैं.
आरजेडी उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और बिहार सरकार में शिक्षा मंत्री अशोक कुमार चौधरी ने इसको लेकर शनिवार को विरोध जताया था.
रघुवंश ने कहा था, 'ऐसा नहीं लग रहा था कि गुरु गोविंद सिंह जी के 350वें प्रकाश पर्व के लिए इंतजाम महागठबंधन की सरकार ने किए थे, बल्कि ऐसा लग रहा था कि सत्ता में शामिल किसी एक पार्टी ने ये इंतजाम किए हों.'
उन्होंने कहा था, 'यह (लालू को मंच पर जगह नहीं देना) लोगों को पसंद नहीं आया है. लालू प्रसाद को (मंच के) नीचे बिठाया गया. भव्य तैयारियों के लिए सभी ने नीतीश कुमार की तारीफ की. प्रकाश पर्व समारोह की तैयारियों के प्रबंधन में क्या आरजेडी की भागीदारी नहीं थी?
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पटना में पत्रकारों द्वारा इस बाबत पूछे जाने पर लालू ने कहा, 'हमें किसी चीज की शिकायत नहीं है. पूजा-पाठ जमीन पर बैठकर करते हैं न की कुर्सी पर... और वह गुरु का दरबार था.' इसको लेकर अपनी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह की टिप्पणी से पलड़ा झाड़ते हुए लालू ने कहा कि इतने बढिया ढंग से प्रकाश पर्व मनाया गया. पूरे बिहार वासियों की सारी दुनिया में इतनी बढ़िया छवि बनी.
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी द्वारा इसके लिए बिहार सरकार को जिम्मेवार ठहराए जाने पर लालू ने उन पर प्रहार करते हुए कहा कि लोग हर बढ़िया काम में कोई न कोई खोट निकालते रहते हैं.
सिखों के 10वें गुरु गुरु गोविंद सिंह की 350वीं जयंती के अवसर पर 3 से 5 जनवरी तक आयोजित प्रकाश पर्व के लिए इंतजाम बिहार सरकार की ओर से किए गए थे. बिहार की मौजूदा महागठबंधन सरकार में आरजेडी और कांग्रेस साझेदार हैं.
आरजेडी उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और बिहार सरकार में शिक्षा मंत्री अशोक कुमार चौधरी ने इसको लेकर शनिवार को विरोध जताया था.
रघुवंश ने कहा था, 'ऐसा नहीं लग रहा था कि गुरु गोविंद सिंह जी के 350वें प्रकाश पर्व के लिए इंतजाम महागठबंधन की सरकार ने किए थे, बल्कि ऐसा लग रहा था कि सत्ता में शामिल किसी एक पार्टी ने ये इंतजाम किए हों.'
उन्होंने कहा था, 'यह (लालू को मंच पर जगह नहीं देना) लोगों को पसंद नहीं आया है. लालू प्रसाद को (मंच के) नीचे बिठाया गया. भव्य तैयारियों के लिए सभी ने नीतीश कुमार की तारीफ की. प्रकाश पर्व समारोह की तैयारियों के प्रबंधन में क्या आरजेडी की भागीदारी नहीं थी?
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