- संभावना है कि नीतीश कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और बीजेपी की अगुवाई में नई सरकार बनेगी
- भाजपा और जेडीयू के बीच सरकार गठन का फार्मूला तय हो गया है जिसमें भाजपा का मुख्यमंत्री पद शामिल होगा
- नीतीश कुमार राज्य सरकार को मार्गदर्शन देंगे और भाजपा-जेडीयू सहयोगी दलों के साथ आगामी चुनावों की तैयारी करेंगे
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राज्य सभा के सदस्य के तौर पर शपथ ले ली. उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री लल्लन सिंह, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, बीजेपी के चीफ व्हिप संजय जायसवाल, बिहार में मंत्री अशोक चौधरी और कई अन्य बीजेपी और जेडीयू के सांसद और नेता मौजूद रहे. उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने नीतीश कुमार को हिंदी में शपथ दिलाई. इस मौके पर बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और सदन के नेता जे पी नड्डा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश भी मौजूद रहे.
नीतीश कुमार ने इसके बाद पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत की. उन्होंने पुराने संसद भवन जिसे अभ संविधान सदन के नाम से जाना जाता है, की ओर इशारा किया. उन्होंने अपने बतौर लोक सभा सांसद और केंद्रीय मंत्री के दिनों को याद करते हुए कहा कि वे इस भवन से जुड़े रहे हैं और अब यहीं आ गए हैं.नीतीश कुमार आज ही पटना के लिए रवाना हो रहे हैं. संभावना है कि अगले कुछ दिनों में वे मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे देंगे जिसके बाद बीजेपी की अगुवाई में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
उन्होंने एक्स पर लिखा- "नीतीश कुमार जी देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं. सुशासन को लेकर उनकी प्रतिबद्धता की हर तरफ सराहना हुई है. उन्होंने बिहार के विकास में अमिट योगदान दिया है. उन्हें एक बार फिर संसद में देखना बहुत सुखद होगा. सांसद और केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उन्होंने कई वर्षों तक अपनी सेवाएं दी हैं. मुझे पूरा विश्वास है कि उनके लंबे राजनीतिक अनुभव से संसद की गरिमा और बढ़ेगी. राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने पर उन्हें हार्दिक बधाई और आगे के कार्यकाल के लिए ढेरों शुभकामनाएं. इस बीच बीजेपी और जेडीयू के बीच नई सरकार के गठन को लेकर सहमति बन गई है. अब तक छोटे भाई की भूमिका निभा रही बीजेपी अब बिहार में बड़े भाई की भूमिका में आ जाएगी.
बीजेपी जेडीयू का फ़ार्मूला
- सूत्रों के अनुसार जिस जगह “आज बीजेपी है, वहां जेडीयू और जहां आज जेडीयू है, वहां बीजेपी”- यह फ़ार्मूला बना है.यानी अभी जेडीयू का सीएम और बीजेपी के दो डिप्टी सीएम हैं.
- इसके बाद बीजेपी का सीएम होगा और जेडीयू के दो डिप्टी सीएम बनेंगे
- मंत्रिपरिषद में भी मंत्रियों की संख्या का बंटवारा ऐसे ही होगा
- अभी के फार्मूले के अनुसार बीजेपी के दो डिप्टी सीएम और सोलह मंत्री
- जबकि जेडीयू का सीएम और पंद्रह मंत्री
- अन्य सहयोगी दलों एलजेपी (रामविलास) के दो और आरएलपी और हम के एक-एक मंत्री
- साढ़े चार-पांच विधानसभा सीटों पर एक मंत्री पद का फ़ार्मूला है
- अब बीजेपी और जेडीयू के बीच फ़ार्मूला पलट जाएगा
- यानी बीजेपी का सीएम और पंद्रह मंत्री जबकि जेडीयू के दो डिप्टी सीएम और सोलह मंत्री होंगे
- विधानसभा सभा में बीजेपी का स्पीकर बना रहेगा जबकि विधान परिषद में जेडीयू का अध्यक्ष बन सकता है
- गृह मंत्रालय बीजेपी के पास ही रहेगा
- सहयोगी दलों को पहले की तरह प्रतिनिधित्व दिया जाएगा
- नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार नई सरकार में डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी संभालेंगे जबकि एक अन्य वरिष्ठ नेता को दूसरा डिप्टी सीएम बनाया जाएगा
- जेडीयू सूत्रों के अनुसार नीतीश कुमार बिहार सरकार को अपना मार्गदर्शन देते रहेंगे
- राज्य में बीजेपी के साथ मिल कर विधानसभा चुनाव में किए गए वादों को पूरा किया जाएगा
- साथ ही 2029 के लोक सभा चुनाव और 2030 विधानसभा चुनाव की तैयारी की जाएगी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं