बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)
पटना:
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोकसंवाद कार्यक्रम में शराबबंदी को लेकर लोगों की राय जानने के बाद सोमवार को कहा इस चर्चा के बाद वे सभी पार्टियों की बैठक भी बुलाएंगे. सचिवालय स्थित संवाद सभाकक्ष में शराबबंदी से संबंधित लोक संवाद कार्यक्रम में भाग लेते हुए नीतीश ने कहा, 'शराबबंदी कानून लागू करना हमारा लक्ष्य है, इसलिए कानून कड़ा बनाया गया है. लोग कहते हैं कि शराबबंदी कानून तालिबानी कानून है, मैं उनसे राय मांगता हूं कि अपने सुझाव दें कि किस तरह से इस कानून को गैर-तालिबानी कानून बनाया जाए.'
इस लोक संवाद कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों से आए करीब चालीस लोगों ने भाग लिया तथा शराबबंदी कानून से संबंधित अपने विचार रखे. मुख्यमंत्री ने लोगों द्वारा दिए गए सुझावों को गंभीरता से सुना. उन्होंने कहा कि आपलोग से चर्चा करने के बाद सभी पार्टियों की बैठक भी बुलाएंगे.
नीतीश ने कहा कि जो लोग शराबबंदी के पक्ष में हैं, वे शराबबंदी कानून का समर्थन भी करते हैं. आज लोगों के जीवन में आनंद आया है, उसे जाकर देखिए. इसका इतना अच्छा प्रभाव हुआ है. हम शराबबंदी पर चर्चा चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि शराबबंदी से किसी तरह का समझौता नहीं होगा. गुजरात में जहां शराबबंदी पहले से लागू है, वहां भी लोग आंदोलन कर मांग करने लगे हैं कि गुजरात में भी बिहार की तर्ज पर शराबबंदी लागू हो.
नीतीश ने कहा कि चर्चा होनी चाहिए. अगर एक्ट या उसके प्रावधानों में संशोधन की जरूरत है, तो इस पर चर्चा होनी चाहिए. आप खुले मन से अपनी बात रखिए. शराबबंदी को और प्रभावकारी कैसे बनाया जाये, इस संदर्भ में अपने सुझाव दीजिए.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस लोक संवाद कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों से आए करीब चालीस लोगों ने भाग लिया तथा शराबबंदी कानून से संबंधित अपने विचार रखे. मुख्यमंत्री ने लोगों द्वारा दिए गए सुझावों को गंभीरता से सुना. उन्होंने कहा कि आपलोग से चर्चा करने के बाद सभी पार्टियों की बैठक भी बुलाएंगे.
नीतीश ने कहा कि जो लोग शराबबंदी के पक्ष में हैं, वे शराबबंदी कानून का समर्थन भी करते हैं. आज लोगों के जीवन में आनंद आया है, उसे जाकर देखिए. इसका इतना अच्छा प्रभाव हुआ है. हम शराबबंदी पर चर्चा चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि शराबबंदी से किसी तरह का समझौता नहीं होगा. गुजरात में जहां शराबबंदी पहले से लागू है, वहां भी लोग आंदोलन कर मांग करने लगे हैं कि गुजरात में भी बिहार की तर्ज पर शराबबंदी लागू हो.
नीतीश ने कहा कि चर्चा होनी चाहिए. अगर एक्ट या उसके प्रावधानों में संशोधन की जरूरत है, तो इस पर चर्चा होनी चाहिए. आप खुले मन से अपनी बात रखिए. शराबबंदी को और प्रभावकारी कैसे बनाया जाये, इस संदर्भ में अपने सुझाव दीजिए.
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