बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का शरद यादव को जवाब.
- नीतीश कुमार ने पहली बार शरद यादव को दिया जवाब
- शरद यादव नीतीश कुमार से चल रहे हैं नाराज.
- बिहार में गठबंधन में बदलाव से हैं खफा.
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नई दिल्ली:
बिहार में जेडीयू नेता शरद यादव राज्य में बीजेपी के साथ मिलकर नीतीश कुमार की सरकार बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं. उनका विरोध अब कई बार सार्वजनिक हो चुका है. इसके जवाब में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जनता दल (युनाइटेड) के वरिष्ठ नेता शरद यादव अपना रास्ता चुनने के लिए स्वतंत्र हैं. बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार ने यह साफ कर दिया है कि शरद यादव या तो बीजेपी के साथ गठबंधन स्वीकार करें या फिर अपना रास्ता चुन लें. नीतीश का यह बयान शरद यादव द्वारा बिहार में जद (यू) और भाजपा के गठबंधन के खिलाफ नाराजगी जताए जाने के बाद आया है.
नीतीश ने यहां संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, "पार्टी ने आम सहमति से फैसला लिया. वह (शरद यादव) अपना रास्ता चुनने के लिए स्वतंत्र हैं." इससे पहले शरद यादव ने दिल्ली से पटना पहुंचने पर हवाईअड्डे पर संवाददाताओं से कहा था कि वह अब भी महागठबंधन के साथ हैं, जिसे बिहार की 11 करोड़ जनता ने 2015 के विधानसभा चुनाव में पांच साल शासन का जनादेश दिया था.
यह भी पढ़ें : 300 करोड़ के घोटाले पर लालू यादव की नीतीश कुमार को फटकार- 'सुशासन बाबू' आज पानी-पानी हो गए
जद (यू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कांग्रेस तथा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ अपनी पार्टी को मिलाकर बने 20 माह पुराने महागठबंधन से अलग होते हुए 26 जुलाई को मुख्यंमत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. अगले ही दिन 27 जुलाई को उन्होंने एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई.
VIDEO : शरद यादव पर जेडीयू प्रवक्ता का बयान
जद (यू) अध्यक्ष ने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और बिहार के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि वह इस माह एक विस्तृत मुलाकात के लिए फिर यहां आएंगे. (IANS की रिपोर्ट पर आधारित.)
नीतीश ने यहां संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, "पार्टी ने आम सहमति से फैसला लिया. वह (शरद यादव) अपना रास्ता चुनने के लिए स्वतंत्र हैं." इससे पहले शरद यादव ने दिल्ली से पटना पहुंचने पर हवाईअड्डे पर संवाददाताओं से कहा था कि वह अब भी महागठबंधन के साथ हैं, जिसे बिहार की 11 करोड़ जनता ने 2015 के विधानसभा चुनाव में पांच साल शासन का जनादेश दिया था.
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जद (यू) अध्यक्ष ने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और बिहार के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि वह इस माह एक विस्तृत मुलाकात के लिए फिर यहां आएंगे. (IANS की रिपोर्ट पर आधारित.)
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