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नीट पेपर लीक 2024 के आरोपी 'मुखिया' को जमानत, 45 के खिलाफ चार्जशीट, कहां हैं पटना नीट कांड के आरोपी?

नीट पेपर लीक की जांच अभी सीबीआई के हवाले कर दी गई है. इस बीच 2024 के नीट पेपर लीक कांड के आरोपियों को लेकर कोई खोज खबर नहीं है.

नीट पेपर लीक 2024 के आरोपी 'मुखिया' को जमानत, 45 के खिलाफ चार्जशीट, कहां हैं पटना नीट कांड के आरोपी?
पटना 2024 नीट पेपर लीक के आरोपी कहां?
पटना:

तीन मई को हुई नीट यूजी की परीक्षा पेपर लीक होने के कारण रद्द कर दी गई है. सीबीआई अब पूरे मामले की जांच करेगी. इससे पहले 2024 में भी नीट परीक्षा का पेपर लीक हुआ था. बिहार पुलिस ने इस मामले में FIR की, आरोपियों को गिरफ्तार किया. बाद में सीबीआई ने इस केस को टेकओवर किया और अभी भी यह मामला सीबीआई के पास है. 

2024 में परीक्षा के दिन 5 मई को ही बिहार पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक गाड़ी में पेपर लीक गैंग से जुड़े कुछ संदिग्ध घूम रहे हैं. पुलिस ने घेराबंदी की और सिकंदर यादवेंदु नामक एक आरोपी को उसके ड्राइवर के साथ गिरफ्तार किया. पूछताछ के बाद उसके सेफ हाउस पर छापा मारा गया, यहां जले हुए प्रश्नपत्र, मोबाइल फोन और कई परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड बरामद हुए. सिकंदर बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था. उसका भांजा अनुराग यादव भी परीक्षा दे रहा था. वह पेपर लीक माफियाओं और स्टूडेंट की बीच की कड़ी था. उसने माफियाओं से पेपर लेकर कई स्टूडेंट को दिया. सिकंदर के बयान के आधार पर अमित आनंद और नीतीश कुमार को गिरफ्तार किया गया। अमित और नीतीश दोनों संजीव मुखिया गैंग से जुड़े रहे हैं.

दोनों पटना के एक ही फ्लैट में रहते थे. नीतीश BPSC पेपर लीक मामले में जेल भी जा चुका है. क्योंकि यह दोनों आरोपी संजीव मुखिया गैंग से जुड़े रहे और पूछताछ में उन्होंने संजीव मुखिया का जिक्र किया, इसलिए उसे इस पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड माना गया.

2026 नीट परीक्षा से पहले संजीव मुखिया का जेल बदला गया

इस मामले के मास्टरमाइंड बताए जा रहे संजीव मुखिया के खिलाफ सीबीआई चार्जशीट फाइल नहीं कर पाई थी. इसलिए पिछले साल अगस्त में उसे नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में जमानत मिल गई थी. लेकिन वह पुलिस भर्ती परीक्षा, शिक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में भी आरोपी है, इसलिए वह अभी भी जेल में बंद है. 2026 की नीट परीक्षा से एक सप्ताह पहले उसे पटना के बेऊर जेल से बक्सर जेल भेज दिया गया था. 

3 अन्य आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिली

सबसे पहले इस मामले में जनवरी 2025 में आयुष कुमार उर्फ आयुष राज को पटना हाईकोर्ट ने जमानत दी थी. आयुष के वकील ने कोर्ट से कहा था कि आयुष के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं. आरोपी 8 महीने से जेल में बंद है. वह जांच में सहयोग करने को तैयार है. इसलिए उसे जमानत दी जाए। कोर्ट ने आयुष को जमानत दी थी.

सिकंदर यादवेंदु और उसके भांजे अनुराग यादव को अप्रैल 2025 में हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिल गई. सिकंदर के वकील अपूर्व हर्ष ने कोर्ट से कहा था कि सिकंदर के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं. उसे अनुराग के बयान के आधार पर आरोपी बनाया गया है. वह 11 महीने से जेल में बंद है। इन आरोपियों को राहत जरूर मिली है लेकिन कई आरोपी अभी भी ट्रायल से गुजर रहे हैं. न्यायिक हिरासत में हैं. सीबीआई ने इस मामले में अगस्त 2024 में पहली चार्जशीट दाखिल की थी. इसमें 13 आरोपियों के नाम थे। 2024 के ही सितंबर में 6 आरोपियों के खिलाफ दूसरी चार्जशीट दाखिल की थी. अब तक सीबीआई 5 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. इसमें 45 आरोपियों को नामजद किया जा चुका है.

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