विज्ञापन

जहानाबाद में मनरेगा में महा-फर्जीवाड़ा, कागज पर बही विकास की गंगा और डकार गए करोड़ों रुपये

जहानाबाद के काको प्रखंड के खालिसपुर गांव में कागजों पर विकास की गंगा बह रही है, लेकिन धरातल पर कदम रखेंगे तो सिर्फ और सिर्फ धोखा नजर आएगा.

जहानाबाद में मनरेगा में महा-फर्जीवाड़ा, कागज पर बही विकास की गंगा और डकार गए करोड़ों रुपये
मनरेगा में फर्जीवाड़ा बताते हुए ग्रामीण (NDTV)
Bihar News:

बिहार के जहानाबाद से एक बेहद ही चौंकाने वाली खबर सामने आयी है. यहां सरकारी खजाने पर डाका डालने का एक बहुत बड़ा खेल उजागर हुआ है. मामला महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यानी मनरेगा से जुड़ा है, जिसे कागजों पर चमका कर करोड़ों रुपये डकार लिए गए. विकास के नाम पर लूट तंत्र का यह सनसनीखेज मामला काको प्रखंड के खालिसपुर पंचायत का है. ​आरोप है कि यहां मुखिया, रोजगार सेवक और मनरेगा कर्मियों ने मिलकर बिना कोई विकास का काम कराए ही करोड़ों रुपये डकार गए.

सरकारी तंत्र और नियमों की उड़ी धज्जियां

जहानाबाद के काको प्रखंड और यहां की खालिसपुर पंचायत के खालिसपुर गांव में कागजों पर विकास की गंगा बह रही है, लेकिन धरातल पर कदम रखेंगे तो सिर्फ और सिर्फ धोखा नजर आएगा. मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार का एक ऐसा कॉकटेल तैयार किया गया है, जिसने सरकारी तंत्र और नियमों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं. ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान दर्जनों योजनाओं को सिर्फ और सिर्फ कागजों पर ही पूरा दिखा दिया गया. धरातल पर एक ईंट तक नहीं रखी गई. भ्रष्टाचार का आलम यह है कि एक ही योजना का नाम बदल-बदल कर, फर्जी तरीके से सरकारी राशि की बार-बार निकासी की गई. 

कागज पर सब कुछ जमीन पर सन्नाटा

नियमों के मुताबिक हर योजना स्थल पर सरकारी बोर्ड लगाना अनिवार्य है, लेकिन पूरी पंचायत में कहीं भी कोई बोर्ड नहीं टंगा. सिर्फ फोटो का खेल हुआ. फर्जी जॉब कार्ड बने और करोड़ों रुपये अधिकारियों और बिचौलियों की जेब में चले गए. खेल यहीं खत्म नहीं हुआ. चालू वित्तीय वर्ष में भी कई योजनाएं एक्टिव दिखाई गई हैं. कागजों पर काम शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है, लेकिन जमीन पर सन्नाटा पसरा है.

जिसने उठाई आवाज उसे करा दिया गया चुप

हैरान करने वाली बात यह है कि जब भी कोई ग्रामीण इस महालूट के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करता है, तो उसे चुप करा दिया जाता है. ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने और गंभीर अंजाम भुगतने की धमकियां दी जा रही हैं. इस महा-फर्जीवाड़े की सुई पंचायत के मुखिया, रोजगार सेवक और जेई की तरफ घूम रही है. ग्रामीणों में इस लूटखसोट को लेकर भारी नाराजगी और आक्रोश है. 

इधर,इस मामला मीडिया में आने के बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आया है. जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी रिपोर्ट तलब की है और जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया है.

बहरहाल खालिसपुर पंचायत में हुआ यह फर्जीवाड़ा यह बताने के लिए काफी है कि जमीन पर गरीब को रोजगार मिले न मिले. लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों और प्रतिनिधियों की जेबें जरूर गर्म हो रही हैं. अब देखना यह होगा कि जिलाधिकारी के आदेश के बाद जांच की आंच किन-किन बड़े चेहरों तक पहुंचती है और इन भ्रष्टाचारियों पर कब तक गाज गिरती है.

यह भी पढ़ेंः पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट, कोचिंग के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हाथ जोड़कर खान सर ने कराया शांत

    NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

    फॉलो करे:
    Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com