सांसद रामा किशोर पर फिरौती के लिए एक छात्र का अपहरण करने का आरोप था
हाजीपुर:
केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के लोकसभा सांसद रामा किशोर सिंह और छह अन्य को बिहार के वैशाली जिले की एक अदालत ने 25 साल पुराने अपहरण के एक मामले में बरी कर दिया. अभियोजन पक्ष द्वारा उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं जुटा पाने के चलते इन लोगों को बरी किया गया है. रामा सिंह वैशाली से लोजपा सांसद हैं.
अतिरिक्त जिला न्यायाधीश चतुर्थ भोलानाथ तिवारी ने सिंह और छह अन्य को इसलिए बरी कर दिया क्योंकि 10 गवाहों ने अपहरण के मामले में सुनवाई के दौरान उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया था. अभियोजन के मुताबिक, नौ सितंबर, 1992 को अज्ञात लोगों ने एक पब्लिक स्कूल के बाहर से मनीष कायल नाम के एक छात्र को अगवा कर लिया था.
छात्र के पिता कायल ने वैशाली जिले के महनार क्षेत्र के बाहुबली रामा सिंह सहित सात लोगों के खिलाफ सदर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. रामा सिंह पर फिरौती के लिए मनीष का अपहरण करने का आरोप था. हालांकि पुलिस ने बाद में मनीष को अपहरण करने वालों के चंगुल से छुड़ा लिया था.
अदालत से बरी होने के बाद रामा सिंह ने कहा कि अपहरण के मामले में बरी होने पर वह राहत महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह उनके खिलाफ लंबित अंतिम मामला था.
(इनपुट भाषा से भी)
अतिरिक्त जिला न्यायाधीश चतुर्थ भोलानाथ तिवारी ने सिंह और छह अन्य को इसलिए बरी कर दिया क्योंकि 10 गवाहों ने अपहरण के मामले में सुनवाई के दौरान उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया था. अभियोजन के मुताबिक, नौ सितंबर, 1992 को अज्ञात लोगों ने एक पब्लिक स्कूल के बाहर से मनीष कायल नाम के एक छात्र को अगवा कर लिया था.
छात्र के पिता कायल ने वैशाली जिले के महनार क्षेत्र के बाहुबली रामा सिंह सहित सात लोगों के खिलाफ सदर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. रामा सिंह पर फिरौती के लिए मनीष का अपहरण करने का आरोप था. हालांकि पुलिस ने बाद में मनीष को अपहरण करने वालों के चंगुल से छुड़ा लिया था.
अदालत से बरी होने के बाद रामा सिंह ने कहा कि अपहरण के मामले में बरी होने पर वह राहत महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह उनके खिलाफ लंबित अंतिम मामला था.
(इनपुट भाषा से भी)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं