वैशाली में पुलिस ने एक हथियार पकड़े जाने के मामले में अहम खुलासा किया है, जिससे सभी लोग हैरान रह गए. पुलिस ने खुलासा किया कि अपराधिक घटनाओं की सूचना देने वाला मुखबिर ही अपराध करने वाला मास्टरमाइंड निकला. हालांकि पुलिस ने उसे पकड़ कर साफ कर दिया है कि कानून को गुमराह करना आसान नहीं है और कानून को गुमराह करने वाला बच नहीं सकता है. अब पुलिस का मुखबिर खुद जेल की हवा खाएगा. घटना के बारे में जानकारी सामने आई की आपसी रंजिश में पुलिस को गुमराह करने के लिए साजिश रची गई थी.
वैशाली के जुड़ावानपु के करारी गाँव में दो शख्स ने अपने विरोधी को जेल भेजने के लिए ऐसी साजिश रची कि पुलिस भी एक पल के लिए हैरान रह गई. लेकिन अंत में क्या हुआ? जिसे पुलिस का मुखबिर बनना था, वही आज सलाखों के पीछे है.
गुप्त सूचना पर रेड में मिले थे हथियार और कारतूस
मामला जमीनी विवाद से जुड़ा है. पुलिस को एक गोपनीय सूचना मिली थी कि एक घर में भारी मात्रा में अवैध हथियार और गोलियां छिपाई गई हैं. सूचना मिलते ही पुलिस ने पूरी तैयारी के साथ उस घर पर छापेमारी की. पुलिस को वहां से हथियार और कारतूस बरामद भी हुए, लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब पुलिस ने गहराई से तफ्तीश शुरू की.
जब पुलिस ने घर के मालिक से पूछताछ की तो सच सामने आ गया. पता चला कि जिस शख्स ने पुलिस को 'टिप' दी थी, उसी ने जमीनी रंजिश के चलते रात के अंधेरे में चुपके से विरोधी के घर में हथियार रख दिए थे. उसका मकसद था कि पुलिस पड़ोसी को गिरफ्तार कर ले और रास्ता साफ हो जाए.
पुलिस ने बताई पूरी घटना
इस पूरे मामले पर सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार ने बताया कि जुड़ावनपुर थाना क्षेत्र के करारी बरारी गांव के वकील राय के घर पर हथियार होने की गुप्त सूचना मिली थी और जब पुलिस मौके पर पहुंची तब दो लोग पुलिस को देख कर भागने लगे, जिन्हें पुलिस ने खदेड़ कर पकड़ लिया. पकड़े गए दोनों व्यक्ति की पहचान वकील राय और गुड्डू कुमार के रूप में हुई. इस बीच पुलिस ने वकील राय के घर से एक कट्टा और दो गोली भी पुलिस ने बरामद किया, लेकिन जब पुलिस ने जांच शुरू की तब पता चला कि कर्पूरी राय का वकील राय के साथ जमीन का विवाद चल रहा है. इसी विवाद का बदला लेने के लिए कर्पूरी राय ने ही वकील राय के घर पर हथियार रखा था और पुलिस को भी फोन कर उसने ही जानकारी दी थी लेकिन पुलिस की तत्परता से साजिश विफल हो गया और उल्टा कर्पूरी राय को ही गिरफ्तार कर कार्रवाई की जा रही है.
पुलिस के मुताबिक, सूचना देने वाले की गतिविधियां संदिग्ध लगीं. जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. अब पुलिस ने साजिशकर्ता को ही आर्म्स एक्ट और जालसाजी की धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. बहरहाल इस घटना ने साफ कर दिया है कि पुलिस को गुमराह करना कितना भारी पड़ सकता है. फिलहाल, जिस निर्दोष को फंसाने की कोशिश की गई थी, उसे राहत मिल गई है.
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