बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (फाइल फोटो)
पटना:
बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बुधवार को कहा कि उन्होंने ऐसा कभी नहीं कहा कि इस प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की आवश्यकता नहीं है. यहां सामाजिक एवं शैक्षणिक अध्ययन संस्थान आद्री में आयोजित एक परिचर्चा में भाग लेते हुए सुशील ने कहा, ‘मैंने कभी नहीं कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की आवश्यकता नहीं.’ उन्होंने कहा, ‘मैंने तो यह कहा था कि 14वें वित्त आयोग की जो रिपोर्ट है, उसमें उसने विशेष दर्जा और अन्य राज्यों के अंतर को समाप्त कर दिया.’
यह भी पढ़ें : सुशील मोदी को क्यों लगता है कि उनके बिना बिहार में विकास का काम रुक गया था?
सुशील ने कहा कि पिछली संप्रग सरकार के कार्यकाल के दौरान जब आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का विभाजन हो रहा था, उस समय अपने वादे के मुताबिक आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया.
एक परिचर्चा में भाग लेते हुए सुशील ने कहा कि इसलिए हमारी मांग (बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने) जायज है, लेकिन जो परिस्थिति आ गयी उसके लिए अब विशेष राज्य का दर्जा का कोई विरोध नहीं कर सकता है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह भी पढ़ें : सुशील मोदी को क्यों लगता है कि उनके बिना बिहार में विकास का काम रुक गया था?
सुशील ने कहा कि पिछली संप्रग सरकार के कार्यकाल के दौरान जब आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का विभाजन हो रहा था, उस समय अपने वादे के मुताबिक आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया.
एक परिचर्चा में भाग लेते हुए सुशील ने कहा कि इसलिए हमारी मांग (बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने) जायज है, लेकिन जो परिस्थिति आ गयी उसके लिए अब विशेष राज्य का दर्जा का कोई विरोध नहीं कर सकता है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं