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कभी 7000 तो कभी 9000 का चालान... परेशान होकर टेंपो ड्राइवर ने की आत्मदाह की कोशिश, फिर हुआ ये बड़ा खुलासा

बिहार के आरा में एक टेंपो ड्राइवर ने आत्मदाह करने की कोशिश की. बार-बार हजारों रुपये का ट्रैफिक चालान काटे जाने से परेशान होकर ड्राइवर ने खुद को आग लगा ली. गनीमत रही कि स्थानीय लोगों ने उसे बचा लिया.

कभी 7000 तो कभी 9000 का चालान... परेशान होकर टेंपो ड्राइवर ने की आत्मदाह की कोशिश, फिर हुआ ये बड़ा खुलासा
  • बिहार के आरा में टेंपो ड्राइवर राजा लगातार दो बार भारी चालान काटे जाने से आत्मदाह करने को मजबूर हुआ
  • राजा मेहनत-मजदूरी करता है और हजारों रुपये के चालान उसके लिए आर्थिक रूप से भारी दबाव बन गए थे
  • स्थानीय लोगों ने घटना के बाद पुलिस को सूचना दी और उन्होंने मौके पर पहुंचकर राजा की जान बचाई और हालात संभाले
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आरा:

बिहार के आरा में बार-बार भारी-भरकम चालान काटे जाने से परेशान एक टेंपो ड्राइवर ने आत्मदाह करने की कोशिश की है. इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. टेंपो ड्राइवर का नाम राजा बताया जा रहा है और वह तिरी मोहल्ला का रहने वाला है. बताया जा रहा है कि हाल ही में ट्रैफिक पुलिस ने राजा का 9 हजार रुपये का चालान काटा था. इससे पहले भी पुलिस उसका 7 हजार रुपये का चालान काट चुकी थी. लगातार दो बार इतनी बड़ा चालान कटने से वह परेशान हो गया था और हताशा में आकर ऐसा कदम उठाने को मजबूर हो गया.

मजदूरी करता है राजा

स्थानीय लोगों ने बताया कि राजा मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता है. इतनी कम आमदनी में हजारों रुपये का चालान उसके लिए भारी बोझ बन गया था. इससे वह तनाव में था. इसी मानसिक दबाव और गुस्से में आकर उसने ऐसा खतरनाक कदम उठा लिया. इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. आग की लपटें देख आसपास के लोग आ गए और किसी तरह आग बुझाई. स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी. मौके पर पुलिस ने पहुंचकर हालात संभाले. गनीमत रही कि इस सबमें राजा की जान बच गई लेकिन टेंपो को काफी नुकसान पहुंचा है.

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स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा. लोगों का कहना है कि ट्रैफिक नियमों का पालन करना जरूरी है लेकिन चालानी कार्रवाई में मानवीय संवेदनशीलता भी होनी चाहिए. टेंपो ड्राइवर, रिक्शा ड्राइवर और दिहाड़ी मजदूरों का बार-बार हजारों रुपये का चालना उन्हें आर्थिक रूप से और कमजोर कर देता है. 

हैरानी वाली बात तो ये है...!

हैरानी की बात तो ये है कि चालानी कार्रवाई की जानकारी आला अधिकारियों को थी ही नहीं. सूत्रों ने बताया कि इसकी जानकारी न तो ट्रैफिक डीएसपी को थी और ही भोजपुर के एसपी को. भोजपुर के एसपी से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि ये मामला अब उनके संज्ञान में आया है और वह इसकी अपने स्तर पर जांच करवाएंगे.

एसपी का यह बयान सिस्टम पर सवाल खड़े करता है. सवाल उठता है कि ऐसी जानकारियां आला अधिकारियों तक कैसे नहीं पहुंची. इससे ये भी सवाल खड़ा हो गया है कि चालानी कार्रवाई की निगरानी सही तरीके से की भी जा रही है या नहीं. 

मामले की जांच में जुटी पुलिस

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है. पता लगाया जा रहा है कि चालान किन कारणों से काटा गया था और युवक ने आत्मदाह करने जैसा कदम किन परिस्थितियों में उठाया था. साथ ही इस बात की जांच भी की जा रही है कि कहीं चालान की प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता तो नहीं की गई.

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