- नीतीश कुमार अपने पुराने सरकारी आवास 1 अणे मार्ग से 7 सर्कुलर रोड स्थित नए बंगले में शिफ्ट हो रहे हैं.
- नए बंगले में बुद्ध पूर्णिमा पर पूजा-अर्चना की गई जिसमें बौद्ध भिक्षुओं की उपस्थिति ने धार्मिक माहौल बनाया.
- 7 सर्कुलर रोड बंगला आधुनिक तकनीक से लैस है और भूकंप के झटकों को सहन करने में सक्षम है.
बिहार की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी और दिलचस्प खबर सामने आई है. लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार अब अपना पुराना सरकारी आवास 1 अणे मार्ग छोड़कर 7 सर्कुलर रोड स्थित नए सरकारी बंगले में शिफ्ट होने जा रहे हैं. इस बदलाव को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और इसे राजनीतिक संकेतों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है.
बुद्ध पूर्णिमा के खास मौके पर नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने अपने नए आवास में पूजा-अर्चना की. इस दौरान उनके बेटे निशांत कुमार भी मौजूद रहे. पूजा के लिए विशेष रूप से बौद्ध भिक्षुओं को बुलाया गया था, जिससे इस आयोजन को धार्मिक और शांतिपूर्ण माहौल मिला. पूजा के बाद नीतीश कुमार वापस 1 अणे मार्ग लौट गए, लेकिन तय कार्यक्रम के अनुसार वे अगले दिन पूरी तरह से नए आवास में शिफ्ट हो जाएंगे.
7 सर्कुलर रोड... नीतीश कुमार का नया पता
सुबह से ही उनके सामान को 1 अणे मार्ग से 7 सर्कुलर रोड स्थित बंगले में शिफ्ट किया जा रहा था. पूरे बंगले को फूलों से सजाया गया था, जिससे माहौल बेहद खास और उत्सव जैसा दिख रहा था. नए घर में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और Z+ सिक्योरिटी पहले से ही तैनात कर दी गई है.
दिलचस्प बात यह है कि 20 सालों के लंबे कार्यकाल के दौरान यह दूसरी बार है जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री आवास छोड़कर 7 सर्कुलर रोड के बंगले में जा रहे हैं. इससे पहले 2014 में लोकसभा चुनाव में हार के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था और जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया गया था. उस समय भी वे करीब 8 महीने तक इसी बंगले में रहे थे.
आधुनिक सुविधाओं से लैस है यह बंगला
7 सर्कुलर रोड स्थित यह बंगला काफी आधुनिक सुविधाओं से लैस है. इसे खास तकनीक से तैयार किया गया है, जिससे यह बड़े भूकंप के झटकों को भी सहन कर सकता है. इसके अलावा, बंगले के लॉन को खूबसूरत बनाने के लिए कोलकाता से खास घास मंगवाई गई है. अभी तक इस भवन का इस्तेमाल मुख्यमंत्री कार्यालय के रूप में किया जा रहा था.
इस शिफ्टिंग का एक और राजनीतिक पहलू भी है. नए घर में आने के बाद नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के पड़ोसी बन गए हैं. दोनों आवासों के बीच की दूरी महज 200 मीटर के आसपास है, जिससे आने वाले समय में राजनीतिक गतिविधियों पर सबकी नजरें रहेंगी.
निशांत कुमार शिफ्टिंग की तैयारियों का लिया जायजा
वहीं, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी 7 सर्कुलर रोड स्थित बंगले पर पहुंचे और शिफ्टिंग की तैयारियों का जायजा लिया. पूरे दिन बंगले में हलचल बनी रही और सुरक्षा के साथ-साथ प्रशासनिक गतिविधियां भी तेज रहीं. कुल मिलाकर, नीतीश कुमार का यह पता बदलना सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में एक नई स्थिति और संभावित समीकरणों का संकेत भी माना जा रहा है. आने वाले दिनों में इस बदलाव का क्या असर पड़ता है, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी.
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