- बिहार सरकार के नए कैबिनेट विस्तार में कई नए और पहली बार मंत्री बने नेताओं को महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं.
- शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी भाजपा के मिथिलेश तिवारी को दी गई है, जो पहली बार मंत्री बने हैं.
- जदयू ने स्वास्थ्य विभाग भाजपा से लेकर निशांत को सौंपा है, जो अब तक किसी सदन के सदस्य नहीं हैं.
बिहार सरकार के कैबिनेट विस्तार में नए मंत्रियों पर ज्यादा भरोसा जताया गया है. वरिष्ठ और पुराने मंत्रियों का रसूख घटा है. विभागों के बंटवारे से यह साफ लग रहा है कि सभी पार्टियां अब फ्यूचर में इन्वेस्ट कर रही हैं. सबसे बड़े विभाग शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी भाजपा ने मिथिलेश तिवारी को दी है. वे पहली बार मंत्री बने हैं. इसके अलावा जदयू ने श्वेता गुप्ता को समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी है. वे पहली बार विधायक बनी हैं और पार्टी ने उन्हें मंत्री बनाया है.
निशांत को स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी मिली है. निशांत अब तक किसी सदन के सदस्य नहीं हैं. वे स्वास्थ्य विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग को संभालेंगे. जदयू ने यह विभाग भाजपा से लिया है. जदयू से गोपालपुर के विधायक बुलो मंडल भी पहली बार मंत्री बने हैं. उन्हें ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. यह विभाग करीब 3 दशक से बिजेंद्र प्रसाद यादव के पास था. लेकिन अब पहली बार मंत्री बने बुलो मंडल यह विभाग संभालेंगे. बिहपुर विधायक ई शैलेन्द्र को पथ निर्माण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, वे भी पहली बार मंत्री बने हैं.
पहली बार के मंत्री और उनके विभाग का बजट
- मिथिलेश तिवारी - शिक्षा - 60 हजार 204 करोड़
- निशांत - स्वास्थ्य विभाग - 21 हजार 270 करोड़
- बुलो मंडल - ऊर्जा - 18 हजार 737 करोड़
- श्वेता गुप्ता - समाज कल्याण - 8 हजार 470 करोड़
- ई शैलेन्द्र - पथ निर्माण - 7404.79 करोड़
- नंदकिशोर राम - डेयरी मत्स्य पालन -1915 करोड़
- रामचंद्र प्रसाद - पर्यावरण, वन - 1075 करोड़
बिजेंद्र यादव, अशोक चौधरी, मदन सहनी का रसूख घटा
बिजेंद्र यादव लम्बे समय से ऊर्जा विभाग संभालते रहे हैं. उन्हें इस बार उपमुख्यमंत्री बनाया गया है लेकिन ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी उनसे ले ली गई है. पहले उनके पास 26 हजार 94 करोड़ के बजट की जिम्मेदारी थी जो अब 4018 करोड़ की हो गई है. नीतीश कुमार के करीबी मंत्रियों में गिने जाने वाले अशोक चौधरी का रसूख भी कम हुआ है. उनके पास पहले ग्रामीण कार्य जैसा महत्वपूर्ण विभाग था, अब उन्हें खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. पहले उनके पास 11 हजार 312 करोड़ के विभाग की जिम्मेदारी थी जो अब घटकर 1195 करोड़ हो गई है. शिक्षा मंत्री रहे सुनील कुमार को ग्रामीण कार्य विभाग दिया गया है. उनके पास पहले 68 हजार 216 करोड़ रुपए का विभाग था जो अब 11 हजार 312 करोड़ का हो गया है. समाज कल्याण मंत्री रहे मदन सहनी को अब मद्य निषेध विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. उनके पास पहले 8470 करोड़ रुपए का विभाग था लेकिन अब 742 करोड़ रुपए का विभाग उन्हें मिला है. विजय चौधरी, श्रवण कुमार के पर्स में खास फेरबदल नहीं हुआ है.
इन सभी के अलावा प्रमोद चंद्रवंशी, संजय टाइगर, रामकृपाल यादव के विभाग बदलने से उनके पर्स पर भी असर हुआ है. हालांकि श्रेयसी सिंह, लेशी सिंह को विभाग बदलने से फायदा मिला है. दोनों की जिम्मेदारी बढ़ी है..
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