- तेजस्वी ने कहा- क्या पार्टी के संसदीय दल और लालूजी का कोई महत्व नहीं है?
- संसदीय बोर्ड या पार्टी सुप्रीमो लालू करेंगे हर उम्मीदवार और सीट का चयन
- महागठबंधन में सीटों की संख्या के बाद उम्मीदवारों के चयन पर बात होगी
बिहार में राष्ट्रीय जनता दल में जब से तेजप्रताप यादव सक्रिय हुए हैं वे खुद और अपनी पार्टी को सुर्खियों में तो रखते ही हैं, निगेटिव खबरों के कारण भी चर्चा में बने रहते हैं. पटना की पाटलिपुत्र सीट पर उन्होंने अपनी बहन और राज्यसभा सदस्य मीसा भारती की दावेदारी का समर्थन कर दिया. अब तेजस्वी यादव को इस पर सफाई देनी पड़ रही है.
शुक्रवार को तेजप्रताप यादव के बयान पर तेजस्वी से जब प्रतिक्रिया पूछी गई तो उनका कहना था कि क्या कैमरों पर ही बात होगी? और क्या पार्टी के संसदीय दल और लालूजी का कोई महत्व नहीं है? आखिर वे लोग क्या करेंगे. तेजस्वी के इस बयान से साफ है कि वे अपने बड़े भाई तेजप्रताप यादव के बयान से असहमत हैं और एक बार फिर सार्वजनिक रूप से बिना उनका नाम लिए उन्हें नसीहत दे दी है कि आखिरी फैसला या तो पार्टी का संसदीय बोर्ड करेगा या हर बार की तरह हर उम्मीदवार और सीट का चयन पार्टी सुप्रीमो लालू यादव करेंगे.
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तेजस्वी ने कहा कि अभी सीटों के बारे में ही सहयोगी दलों के बीच महागठबंधन में सामंजस्य नहीं बना है तो ये सवाल कहां से आता है कि कौन व्यक्ति कहां से लड़ेगा? तेजस्वी ने साफ कहा कि इसका कोई मतलब नहीं है. आपस में ही लोग ऐसी बातें कर लें, बांट लें और खेल लें.
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तेजस्वी ने साफ किया कि पहले महागठबंधन में सीटों की संख्या के ऊपर फैसला होगा और उसके बाद उम्मीदवारों के चयन पर. सब दल अपने-अपने हिसाब से फैसला लेंगे. लेकिन ये कब तक हो पाएगा, इस पर उन्होंने खुलकर कुछ भी नहीं कहा.
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