Bihar Weather Updates News: बिहार में मौसम के बदले मिजाज ने भीषण तबाही मचाई है. चिलचिलाती गर्मी के बीच आए भीषण तूफान और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने कई परिवारों को गहरे जख्म दिए हैं. इस प्राकृतिक आपदा पर दुख जताते हुए बिहार सरकार के मंत्री रत्नेश सदा ने कड़े कदम उठाने की बात कही है.
मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता
मंत्री रत्नेश सदा ने बताया कि शुक्रवार को आए इस भीषण तूफान की चपेट में आने से अब तक 9 लोगों की जान जा चुकी है. उन्होंने घोषणा की कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और प्रत्येक मृतक के आश्रितों को आपदा राहत कोष से 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी. पिछले 10 दिनों में आंधी और बिजली गिरने जैसी घटनाओं में राज्यभर में 30 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
बिल्डरों पर कसेगा शिकंजा, बनेगी जांच एजेंसी
तूफान से हुए नुकसान को देखते हुए मंत्री ने निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अक्सर मानकों की अनदेखी के कारण जान-माल का नुकसान अधिक होता है. सरकार अब बिल्डरों के काम की निगरानी के लिए एक विशेष एजेंसी बनाने पर विचार कर रही है. यह एजेंसी सुनिश्चित करेगी कि भवन निर्माण तय सुरक्षा मानकों के अनुसार हो रहा है या नहीं. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
जागरूकता अभियान और आपदा प्रबंधन
बिहार में बाढ़, भूकंप और तूफान जैसी आपदाओं की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार अब जिला स्तर पर जागरूकता अभियान चलाएगी. इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को भूकंपरोधी और सुरक्षित घर बनाने के लिए प्रेरित करना है. आपदा प्रबंधन विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है और प्रभावित इलाकों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है. मंत्री ने स्पष्ट किया कि भवनों की मजबूती ही भविष्य में होने वाले बड़े नुकसान को कम करने का एकमात्र उपाय है.
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं