बिहार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह को कोर्ट के नोटिस को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ.
- चारा घोटाले के मामले में विशेष सीबीआई कोर्ट ने जारी किया नोटिस
- पूर्व मुख्य सचिव, डीजीपी और सीबीआई के एक अफसर को भी नोटिस
- नोटिस के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में अपील दायर किए जाने की संभावना
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पटना:
बिहार विधानसभा में बुधवार को मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह की बर्ख़ास्तगी की मांग को लेकर जमकर हंगामा हुआ. विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी को सदन की कार्यवाही भी स्थगित करनी पड़ी.
दरअसल चारा घोटाले के मामले की सुनवाई कर रही विशेष सीबीआई कोर्ट द्वारा एक मामले में बिहार के वर्तमान मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, बिहार और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव विजय शंकर दुबे, पूर्व पुलिस महानिदेशक डीपी ओझा और सीबीआई के एक अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है. इन लोगों पर कार्रवाई में देरी करने का आरोप लगाया गया है. इन सभी लोगों को दुमका कोषागार से सम्बंधित मामले में नोटिस जारी किया गया है.
यह भी पढ़ें : चारा घोटाला : राजद प्रमुख लालू यादव से जुड़े चौथे मामले में 15 मार्च को फैसला
हालांकि इन सभी लोगों को 28 मार्च को कोर्ट में उपस्थित होने का नोटिस दिया गया है लेकिन यह तय माना जा रहा है कि इस नोटिस के खिलाफ ये लोग झारखंड हाईकोर्ट में अपील दायर करेंगे. हालांकि वर्तमान मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह का कहना है कि फिलहाल उन्हें नोटिस के बारे में अखबारों से जानकारी मिली है और इस संबंध में प्रतिक्रिया नहीं दे सकते.
VIDEO : लालू के परिवार की मुश्किलें बढ़ीं
लेकिन जानकारों का मानना है कि जब ट्रायल खत्म होने के कगार पर है तब कोर्ट का नोटिस देने का फैसला कितना सही है. जब तक झारखंड हाईकोर्ट का फैसला नहीं आता है तब तक इस मामले में अंतिम राय बनाना जल्दबाजी होगी.
दरअसल चारा घोटाले के मामले की सुनवाई कर रही विशेष सीबीआई कोर्ट द्वारा एक मामले में बिहार के वर्तमान मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, बिहार और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव विजय शंकर दुबे, पूर्व पुलिस महानिदेशक डीपी ओझा और सीबीआई के एक अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है. इन लोगों पर कार्रवाई में देरी करने का आरोप लगाया गया है. इन सभी लोगों को दुमका कोषागार से सम्बंधित मामले में नोटिस जारी किया गया है.
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हालांकि इन सभी लोगों को 28 मार्च को कोर्ट में उपस्थित होने का नोटिस दिया गया है लेकिन यह तय माना जा रहा है कि इस नोटिस के खिलाफ ये लोग झारखंड हाईकोर्ट में अपील दायर करेंगे. हालांकि वर्तमान मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह का कहना है कि फिलहाल उन्हें नोटिस के बारे में अखबारों से जानकारी मिली है और इस संबंध में प्रतिक्रिया नहीं दे सकते.
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लेकिन जानकारों का मानना है कि जब ट्रायल खत्म होने के कगार पर है तब कोर्ट का नोटिस देने का फैसला कितना सही है. जब तक झारखंड हाईकोर्ट का फैसला नहीं आता है तब तक इस मामले में अंतिम राय बनाना जल्दबाजी होगी.
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