Rajasthan News: राजस्थान में बिहार के कटिहार जिले से मानवता और कानून व्यवस्था को हिला देने वाली एक खबर सामने आई है. जहां आजमनगर थाना क्षेत्र की दनिहा पंचायत में न्याय के नाम पर सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाई गईं. चोरी के आरोप में दो मासूम बच्चों को पुलिस के हवाले करने के बजाय पंचायत ने खुद ही 'जज' बनकर उन्हें तालिबानी सजा सुना दी.
5 लाख के बदले 2 लाख का जुर्माना
पूरा मामला मस्जिद से करीब 5 लाख रुपये की चोरी से जुड़ा बताया जा रहा है. इस मामले में गांव के ही दो बच्चों पर शक जाहिर किया गया. ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना देने के बजाय खुद ही पंचायत बुला ली. पंचायत में यह फैसला हुआ कि चोरी गई रकम के बदले बच्चों के परिजनों को 3 मई तक 2 लाख रुपये मस्जिद कमेटी को वापस करने होंगे. इतना ही नहीं इस तुगलकी फरमान को बाकायदा एक लिखित इकरारनामे (एग्रीमेंट) के जरिए कानूनी रूप देने की कोशिश भी की गई.

मुखिया प्रतिनिधि ने मारपीट कर वायरल किया वीडियो
इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब पंचायत के दौरान मुखिया प्रतिनिधि सिकंदर भाट द्वारा बच्चों की बेरहमी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे रसूख के नशे में चूर प्रतिनिधि बच्चों को लाठियों से पीट रहा है. इस 'तालिबानी' सजा को देखकर हर कोई दंग है. सुदूर इलाकों में जहाँ पंचायतों से कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद की उम्मीद की जाती है वहाँ इस तरह की हिंसा ने पुलिस प्रशासन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
पुलिस की कार्रवाई और जांच के आदेश
वीडियो वायरल होने और मामला मीडिया में आने के बाद प्रशासन हरकत में आया है. बारसोई अनुमंडल के डीएसपी अजय कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं. पुलिस का कहना है कि कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है और जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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