Rajasthan News: बिहार के गोपालगंज जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है. हरियाणा के गुड़गांव से बिहार के दरभंगा जा रही 'शिव महिमा ट्रेवल्स' की एक बस एनएच-27 पर अचानक आग का गोला बन गई. बरौली थाना क्षेत्र के मिर्जापुर के पास जैसे ही बस पहुंची और उसके पिछले पहिये से लपटें उठने लगीं और देखते ही देखते पूरी बस धुएं के गुबार से भर गई. बस के अंदर बैठे यात्रियों को जब सांस लेने में दिक्कत होने लगी तब वहां मौत का सन्नाटा और चीख-पुकार मच गई.
भेड़-बकरियों की तरह भरे थे यात्री
बस में सवार यात्रियों ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि बस के भीतर पैर रखने तक की जगह नहीं थी. टूरिस्ट बस के नाम पर यात्रियों को भेड़-बकरियों की तरह ठूंस-ठूंस कर भरा गया था.
आग लगते ही अफरा-तफरी का ऐसा माहौल बना कि लोग एक-दूसरे को कुचलते हुए भागने लगे. जान बचाने का कोई और रास्ता न देख यात्रियों ने आनन-फानन में बस की खिड़कियों के शीशे तोड़े और वहां से बाहर कूदना शुरू कर दिया. इस भगदड़ में एक महिला सहित तीन यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.
स्थानीय लोगों की वजह ने टाला बड़ा हादसा
गनीमत रही कि जब यह हादसा हुआ और आसपास के ग्रामीण और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े. लोगों ने बिना वक्त गंवाए आग बुझाने के प्रयास शुरू किए और काफी मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पा लिया गया. यदि समय रहते आग नहीं बुझती तो बस में सवार 60 से अधिक जिंदगियां खाक हो सकती थीं. भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच यात्री सड़क किनारे बैठकर अपनी किस्मत को कोसते नजर आए.
ओवरलोडिंग और लापरवाही बनी वजह
हादसे के बाद यात्रियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है. उन्होंने आरोप लगाया कि लंबी दूरी की इन बसों में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. यात्रियों का कहना है कि बस कहीं भी नहीं रुकी और लगातार चलती रही और ऊपर से क्षमता से दोगुने लोग सवार थे. अब पीड़ित यात्रियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि टूरिस्ट बसों के नाम पर चल रहे इस 'मौत के खेल' की जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए.
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