मधुबनी पेंटिंग की विख्यात शिल्पी कर्पूरी देवी का निधन हो गया. कर्पूरी देवी (Karpuri Devi) पिछले कुछ समय से से बीमार चल रही थीं और उनका एक प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था. देश-दुनिया में अपने शिल्प का लोहा मनवा चुकीं कर्पूरी देवी के निधन पर तमाम लोगों ने श्रद्धांजलि व्यक्त की. बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने कर्पूरी देवी को श्रद्घांजलि देते हुए अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, 'मिथिला और बिहार को अद्भुत मिथिला पेंटिंग के द्वारा संपूर्ण देश में सम्मान दिलाने वालीं आदरणीय कर्पूरी देवी जी हमारे बीच नहीं रहीं. अपनी रचना और शैली को घर-घर पहुंचाने वाली और सबको प्रेरित करने वाली का जाना बिहार के लिए एक अपूरणीय क्षति है. ॐ शांति.' आपको बता दें कि कर्पूरी देवी (Karpuri Devi) ने सोमवार की देर रात मधुबनी के मंगरौनी स्थित हार्ट हॉस्पीटल में आखिरी सांस ली थी.
मिथिला और बिहार को अद्भुत मिथिला पेंटिंग के द्वारा संपूर्ण देश में सम्मान दिलाने वाली आदरणीय कर्पूरी देवी जी हमारे बीच नहीं रहीं। अपनी रचना और शैली को घर-घर पहुंचाने वाली और सबको प्रेरित करने वाली का जाना बिहार के लिए एक अपूरणीय क्षति हैं।
— Shandilya Giriraj Singh (@girirajsinghbjp) July 31, 2019
ॐ शांति pic.twitter.com/xeRXZZ7AYD
कर्पूरी देवी (Karpuri Devi) 90 साल की थीं. जानकारी के मुताबिक जब उनका निधन हुआ तो उनके साथ बेटी और नेशनल अवार्डी मोती कर्ण और भतीजा विपिन दास भी साथ थे. उन्होंने ही अन्य परिजनों को जानकारी दी. आपको बता दें कि कर्पूरी देवी को नेशनल मेरिट सर्टिफिकेट सहित तमाम पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था. उन्होंने भारत के अलावा अमेरिका, फ्रांस और जापान जैसे देशों में अपनी शिल्प का लोहा मनवाया और खास पहचान बनाई. बता दें कि कर्पूरी देवी (Karpuri Devi) को मिथिला पेंटिंग में महारत तो हासिल थी ही, सुजनी कला में उन्होंने अपनी विशिष्ठ पहचान बनाई थी
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