- सम्राट चौधरी ने विधानसभा में कानून-व्यवस्था पर विपक्ष पर तीखा प्रहार किया और राबड़ी देवी को चुनौती दी.
- सम्राट चौधरी ने बिहार पुलिस की स्थिति का उदाहरण देते हुए कहा कि हाथी भी डरकर अस्पताल जाना चाहता है.
- उनके बयान को पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव से जोड़ा जा रहा है, जिनके खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई का जिक्र किया गया.
बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा में कानून-व्यवस्था पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष पर तीखा प्रहार किया. इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को भी चुनौती दी. साथ ही उन्होंने एक ऐसा बयान दिया, जिसके अब सियासी गलियारों में कई मायने निकाले जा रहे हैं. सम्राट चौधरी ने कहा कि "आज बिहार पुलिस का इकबाल ऐसा है कि हाथी भी डर के मारे बीमार होकर अस्पताल जाना चाहता है."
राजनीतिक गलियारों में इस 'हाथी' वाले बयान को सीधे तौर पर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव से जोड़कर देख रहे हैं. दरअसल, सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में पुरानी बातों को याद दिलाते हुए कहा कि जो व्यक्ति कभी यह दावा करता था कि बिहार पुलिस "एक चींटी भी नहीं मार सकती", आज वही व्यक्ति पुलिसिया कार्रवाई के डर से बीमार होने और अस्पताल जाने की बात कह रहा है.
सम्राट चौधरी ने कहा कि "लोग एयरपोर्ट पर उतरते हैं और कहते हैं कि बिहार पुलिस तो एक चींटी भी नहीं मार सकती. लेकिन वही व्यक्ति बयान देने के दो घंटे के भीतर गिरफ्तार हो जाता है और पुलिस की गिरफ्त में आते ही कहने लगता है कि 'मैं तो बीमार हो गया हूं. अब तो हाथी भी पुलिस के डर से बीमार होकर अस्पताल जाना चाहता है"
वहीं, पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने एक्स पोस्ट कर कहा, 'नाबालिग था अब बंदर बन गया है. इस बंदर के हाथ में बिहार है. स्वाभिमान की पगड़ी उतार, कमीशन बटोरने के लिए. पगड़ी को गमछा बना लिया.
नाबालिग था अब बंदर बन गया है
— Pappu Yadav (@pappuyadavjapl) February 20, 2026
इस बंदर के हाथ में बिहार है
स्वाभिमान की पगड़ी उतार
कमीशन बटोरने के लिए
पगड़ी को गमछा बना लिया
राबड़ी देवी की ओर से नीट (NEET) मामले में एक मंत्री के बेटे की संलिप्तता के आरोपों पर पलटवार करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि यदि वे नाम बताएंगी, तो तुरंत कार्रवाई होगी. यही सुशासन है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजद के दौर में सरकार जेल से चलती थी. लेकिन नीतीश कुमार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है.
सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि भले ही उनका दायित्व वित्त से गृह विभाग में बदल गया हो. लेकिन नेता अभी भी नीतीश कुमार ही हैं और अंतिम निर्णय उन्हीं का होता है. उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस पूरी तरह स्वतंत्र होकर काम कर रही है और सरकार का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है. अब तो "हाथी भी पुलिस के डर से बीमार हो जाता है.
डिप्टी सीएम ने कहा कि बिहार अब पूरी तरह उग्रवादी मुक्त हो गया है. हाल ही में 143 उग्रवादियों की गिरफ्तारी और दो दिन पहले अंतिम उग्रवादी के पकड़े जाने के बाद, अब राज्य में एक भी नक्सली शेष नहीं बचा है. साथ ही औद्योगिक सुरक्षा के लिए 'BISF' नाम की दो नई डेडिकेटेड बटालियन बनाने और जेलों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों के जरिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग की व्यवस्था लागू की गई है.
ये भी पढें : - तुम हमारे नहीं... पाकिस्तान सरकार की बात सुन रो पड़े बलूचिस्तान में फंसे आसिम मुनीर के सैनिक
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं