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बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला, बक्सर से भागलपुर तक 336 किमी एक्सप्रेसवे; किसानों और तकनीक को भी मिला बढ़ावा

बक्सर से भागलपुर तक 336 किमी एक्सप्रेसवे, 11 हजार निजी नलकूप, नहरों के पुनर्स्थापन, AI निवेश और नई भंडारण क्षमता बढ़ाने की योजनाओं को हरी झंडी मिली.

बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला, बक्सर से भागलपुर तक 336 किमी एक्सप्रेसवे; किसानों और तकनीक को भी मिला बढ़ावा
बिहार कैबिनेट में बड़े फैसले हुए हैं.

बिहार कैबिनेट की बैठक में बुनियादी ढांचे, कृषि, सिंचाई, तकनीक और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. सरकार के इन फैसलों से राज्य में सड़क संपर्क बेहतर होने, किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलने, तकनीकी निवेश बढ़ने और कृषि भंडारण व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है.

बक्सर से भागलपुर तक बनेगा 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

कैबिनेट ने बक्सर से भागलपुर के बीच 336 किलोमीटर लंबे 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के सैद्धांतिक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. यह एक्सप्रेसवे अरवल, जहानाबाद, नालंदा और जमुई समेत कई जिलों से होकर गुजरेगा. पूरी तरह नियंत्रित प्रवेश वाली इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही केवल निर्धारित स्थानों से ही होगी. परियोजना को PPP मॉडल के तहत बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) के माध्यम से विकसित किया जाएगा.

किसानों के लिए 11 हजार निजी नलकूप

राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत वर्ष 2026-27 में 11 हजार निजी नलकूप लगाने का फैसला किया है. इसके लिए 305.60 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. इस योजना का उद्देश्य किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाना और खेती को अधिक सुविधाजनक बनाना है.

कटिहार में नहरों के पुनर्स्थापन को मंजूरी

सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कटिहार सिंचाई प्रमंडल के अंतर्गत कटिहार वितरणी, फूलपुर, हसनगंज, बैजनाथपुर और सेमापुर उप-वितरणियों सहित संबंधित नहर प्रणालियों के पुनर्स्थापन कार्य हेतु 35.82 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति दी गई है. इससे क्षेत्र के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है.

AI के क्षेत्र में नई पहल

राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के लिए टायो AI इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और बिहार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर की मंजूरी दी गई है. इस पहल से AI आधारित तकनीकों, नवाचार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा तथा बिहार को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी.

भंडारण क्षमता बढ़ाने पर जोर

सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 48,200 मीट्रिक टन नई भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी. इसके तहत 200, 500 और 1,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम बनाए जाएंगे. 52 चयनित समितियों के लिए 34.95 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. इसमें 50 प्रतिशत राशि अनुदान और 50 प्रतिशत चक्रीय पूंजी के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी. इससे गांव और पंचायत स्तर पर किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने की बेहतर सुविधा मिलेगी.

नरपतगंज में नहरों को नया स्वरूप

कैबिनेट ने सिंचाई प्रमंडल नरपतगंज के अंतर्गत जानकीनगर शाखा नहर और उससे जुड़ी नहरों के पुनर्स्थापन के लिए 30.35 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति भी दी है. इस परियोजना से नहरों की स्थिति में सुधार होगा और किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा.

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