प्रतीकात्मक फोटो.
पटना:
बिहार में पहली बार अनुशासनहीनता के आरोप में 175 पुलिस कांस्टेबल को सेवा से बरखास्त कर दिया गया है. इनमें से क़रीब 167 वो सिपाही हैं, जिनकी अभी ट्रेनिंग ही चल रही थी. इन सबने शुक्रवार को पटना पुलिस लाइन में एक महिला प्रशिक्षु कांस्टेबल की मौत के बाद न केवल हंगामा किया था, बल्कि अधिकारियों की पिटाई में भी शामिल थे. इसके अलावा इनलोगों ने सरकारी वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया था.
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पटना जोन के आईजी नय्यैर हसनैन खान की जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई है. नय्यैर हसनैन पर ही इस मामले की जांच का जिम्मा था. उनके द्वारा 48 घंटे के भीतर सौंपी गई अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है. इसके अलावा कई पुलिसकर्मियों को अपने कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में भी निलंबित किया गया है और क़रीब 93 वैसे पुलिसकर्मी जो येन केन प्रकारेण पटना पुलिस लाइन में पिछले 10 वर्षों से अधिक से जमे हुए थे उन्हें पटना ज़ोन से बाहर तबादला करने का आदेश भी दिया गया है.
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ये सभी कार्रवाई पुलिस मुख्यालय और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा इस पूरे मामले पर सख़्त कारवाई करने के आदेश के बाद संभव हो पाया. राज्य सरकार को इस बात का अहंकार हो गया था कि इस बार कारवाई करने से चूके तो आने वाले समय में इससे गंभीर घटना हो सकती है. हालांकि ट्रेनिंग के बीच से जिन सिपाहियों को काम पर लगाया गया था, उन्हें वापस ट्रेनिंग पर भेज दिया गया है.
VIDEO : महिला सिपाही की मौत पर हंगामा
लेकिन राज्य सरकार का भी मानना है कि जिस तरह से हिंसा ख़ुद वर्दी पहनकर सिपाहियों ने ख़ासकर महिला सिपाहियों ने अंजाम दिया वो काफ़ी चिंता का विषय था.
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पटना जोन के आईजी नय्यैर हसनैन खान की जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई है. नय्यैर हसनैन पर ही इस मामले की जांच का जिम्मा था. उनके द्वारा 48 घंटे के भीतर सौंपी गई अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है. इसके अलावा कई पुलिसकर्मियों को अपने कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में भी निलंबित किया गया है और क़रीब 93 वैसे पुलिसकर्मी जो येन केन प्रकारेण पटना पुलिस लाइन में पिछले 10 वर्षों से अधिक से जमे हुए थे उन्हें पटना ज़ोन से बाहर तबादला करने का आदेश भी दिया गया है.
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ये सभी कार्रवाई पुलिस मुख्यालय और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा इस पूरे मामले पर सख़्त कारवाई करने के आदेश के बाद संभव हो पाया. राज्य सरकार को इस बात का अहंकार हो गया था कि इस बार कारवाई करने से चूके तो आने वाले समय में इससे गंभीर घटना हो सकती है. हालांकि ट्रेनिंग के बीच से जिन सिपाहियों को काम पर लगाया गया था, उन्हें वापस ट्रेनिंग पर भेज दिया गया है.
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लेकिन राज्य सरकार का भी मानना है कि जिस तरह से हिंसा ख़ुद वर्दी पहनकर सिपाहियों ने ख़ासकर महिला सिपाहियों ने अंजाम दिया वो काफ़ी चिंता का विषय था.
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Trainee Constable Suspended, Constable Suspended, 175 Constable Suspended In Bihar